Shopping cart

Breaking News :
  • Home
  • बिहार
  • सहरसा में दर्दनाक सामूहिक जहरकांड: चार गहरे दोस्त बने एक फैसले के शिकार, दो की मौत, दो की हालत नाजुक
बिहार

सहरसा में दर्दनाक सामूहिक जहरकांड: चार गहरे दोस्त बने एक फैसले के शिकार, दो की मौत, दो की हालत नाजुक

February 8, 20261 Mins Read
14

बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कनरिया थाना क्षेत्र के बेलवारा पंचायत अंतर्गत फहरेबा मुसहरी गांव (वार्ड संख्या–4) में चार जिगरी दोस्तों ने एक साथ कीटनाशक का सेवन कर लिया। इस सामूहिक कदम ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।

अचानक बिगड़ी तबीयत, रास्ते में दो की मौत

कीटनाशक के सेवन के कुछ ही देर बाद चारों युवकों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। घबराए परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही राजा कुमार (20) और सन्नीदेवल कुमार (18) ने दम तोड़ दिया।

वहीं, मुरारी कुमार (18) और सनोज कुमार (18) की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों को बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी जिले खगड़िया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की कोशिश में जुटी है।

प्रशासन में हड़कंप, मौके पर पहुंचे डीएम-एसपी

चार युवकों द्वारा एक साथ जहर खाने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु दलबल स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से अहम नमूने और सबूत जुटाए।

पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही, पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच की जा रही है।

क्या बोले पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक हिमांशु दलबल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चार युवकों द्वारा कीटनाशक सेवन की सूचना मिली थी, जिसमें दो की मौत हो चुकी है और दो का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह जानने की कोशिश की जा रही है कि युवकों ने ऐसा कदम किन परिस्थितियों और कारणों में उठाया। परिजनों, दोस्तों और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है।

गांव में पसरा मातम

घटना के बाद फहरेबा मुसहरी गांव में मातम छाया हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी स्तब्ध हैं कि हंसते-खेलते चार दोस्त आखिर इस कगार तक कैसे पहुंच गए। गांव में हर आंख नम है और हर कोई इस सवाल से जूझ रहा है कि आखिर युवाओं के मन में ऐसा क्या था, जिसने उन्हें यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

हर पहलू की जांच जारी

फिलहाल पुलिस, प्रशासन और फॉरेंसिक टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। आत्मघाती कदम के पीछे के कारणों—चाहे वह पारिवारिक तनाव हो, मानसिक दबाव या कोई अन्य वजह—को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

यह घटना न केवल सहरसा, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक संवाद पर समय रहते ध्यान देना कितना जरूरी है।

Related Posts