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भावुक पत्र लिखकर लापता हुआ इंटर छात्र, फोन सर्च हिस्ट्री ने बढ़ाई चिंता

February 21, 20261 Mins Read
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गोपालगंज जिले के पकड़ी मिश्राइन गांव से एक 18 वर्षीय इंटर के छात्र के अचानक लापता होने का मामला इलाके में सनसनी और चिंता का विषय बना हुआ है। पांच दिन बीत जाने के बावजूद छात्र का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। घर छोड़ने से पहले छात्र ने अपनी मां के नाम एक भावुक पत्र लिखा था, जिसमें उसने मानसिक कष्ट और संन्यासी जीवन अपनाने की बात कही है। इस घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पुलिस कई पहलुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है।

मां के नाम लिखा भावुक खत

परिजनों के अनुसार, लापता छात्र की पहचान निखिल कुमार गुप्ता के रूप में हुई है, जो इंटर का छात्र है। 16 फरवरी की रात वह रोज की तरह परिवार के साथ भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। रात करीब दो बजे उसकी मां ने झांककर देखा तो वह बिस्तर पर ही था, जिससे परिवार को किसी तरह की आशंका नहीं हुई।

लेकिन सुबह करीब पांच बजे जब मां उसे जगाने कमरे में पहुंचीं, तो बिस्तर खाली मिला। पहले तो परिवार को लगा कि वह परीक्षा देने के लिए जल्दी निकल गया होगा, लेकिन जब परीक्षा केंद्र पर उसकी उपस्थिति नहीं मिली, तो चिंता बढ़ गई। कमरे की तलाशी लेने पर मां के नाम लिखा एक पत्र मिला, जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

पत्र में छात्र ने लिखा था कि वह मानसिक रूप से बहुत परेशान है और संन्यासी जीवन अपनाने जा रहा है। उसने यह भी लिखा कि वह घर से 600 रुपये लेकर जा रहा है। पत्र की भाषा बेहद भावुक बताई जा रही है, जिसे पढ़कर मां बेसुध हो गईं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

निखिल के अचानक लापता होने से परिवार गहरे सदमे में है। बताया जा रहा है कि उसके पिता लकवाग्रस्त हैं और घर की आर्थिक व पारिवारिक जिम्मेदारी काफी हद तक उसी पर टिकी हुई थी। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं कि वह पढ़-लिखकर घर का सहारा बनेगा।

मां की हालत पत्र पढ़ने के बाद से लगातार खराब बताई जा रही है। परिजन और ग्रामीण उन्हें ढांढस बंधाने में लगे हैं, लेकिन बेटे की चिंता में उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग छात्र के सकुशल लौट आने की दुआ कर रहे हैं।

मोबाइल सर्च हिस्ट्री ने बढ़ाई बेचैनी

जांच के दौरान पुलिस ने छात्र के मोबाइल फोन की ब्राउजिंग हिस्ट्री खंगाली, जिसमें कुछ ऐसे सर्च मिले हैं, जिन्होंने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, मोबाइल में जीवन और मृत्यु से जुड़े कई सवाल खोजे गए थे।

हालांकि पुलिस फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने से बच रही है और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की मानसिक स्थिति को समझने के लिए मनोवैज्ञानिक पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है।

वृंदावन से आई कॉल ने बढ़ाई उम्मीद

परिजनों ने बताया कि उन्हें वृंदावन से एक फोन कॉल प्राप्त हुआ था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि छात्र वहां एक बाबा के पास बैठा हुआ है। इस सूचना के बाद परिवार और पुलिस दोनों की उम्मीदें जगी हैं, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस इस कॉल की सत्यता की भी जांच कर रही है और संबंधित लोकेशन को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि सूचना सही साबित होती है, तो छात्र तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

ऑटो चालक का अहम सुराग

पूछताछ के दौरान एक ऑटो चालक ने पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। चालक के अनुसार, छात्र 17 फरवरी की सुबह करीब चार बजे उसके ऑटो से उत्तर प्रदेश सीमा की ओर गया था। यह जानकारी जांच के लिए अहम कड़ी मानी जा रही है।

इसके बाद छात्र का कोई स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस अब यूपी बॉर्डर से जुड़े रास्तों और संभावित ठिकानों पर विशेष नजर रख रही है।

सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धर्मस्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि छात्र की जल्द से जल्द तलाश की जा सके।

थानाध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में कांड संख्या 103/26 दर्ज कर ली गई है और विशेष टीम बनाकर खोज अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी लगातार पूछताछ कर रही है।

हर पहलू से हो रही जांच

पुलिस का कहना है कि मामले को केवल गुमशुदगी मानकर नहीं देखा जा रहा, बल्कि छात्र द्वारा लिखे गए पत्र, मोबाइल सर्च और संभावित यात्रा मार्ग—सभी पहलुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।

परिवार को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई ठोस संकेत नहीं मिला है जो किसी गंभीर घटना की पुष्टि करे।

लोगों से पुलिस की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी छात्र के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से ही ऐसे मामलों में तेजी से सफलता मिलती है।

इधर, गांव और परिवार की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। हर बीतते दिन के साथ चिंता बढ़ती जा रही है। सभी को उम्मीद है कि निखिल जल्द सुरक्षित घर लौटेगा और परिवार की परेशानियां खत्म होंगी।

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