बिहार के दरभंगा में एक संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इमलीघाट पुल के समीप स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के क्लासरूम में शुक्रवार को 18 वर्षीय युवक का शव फंदे से लटका हुआ मिलने से लोगों में दहशत और आक्रोश दोनों फैल गए। परिजनों ने इसे सीधी हत्या करार देते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है, जबकि पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नीचे उतारा गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) भेज दिया गया। घटनास्थल पर पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि मृतक के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मौजूद थे। इन निशानों ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
मृत युवक की पहचान गुल्लोबारा निवासी 18 वर्षीय भरत मंडल उर्फ हिमांशु के रूप में हुई है। वह पेशे से इलेक्ट्रिक डेकोरेशन का काम करता था और परिवार में दो भाइयों व दो बहनों के बीच पला-बढ़ा था। घरवालों के अनुसार वह मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिससे किसी बड़ी दुश्मनी की संभावना कम लगती है।
परिजनों ने बताया कि गुरुवार शाम हिमांशु अपने कुछ दोस्तों के साथ घर से निकला था। देर रात तक उसके वापस न लौटने पर परिवार को चिंता हुई। आसपास खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन सुबह जब स्कूल के क्लासरूम में उसका शव मिलने की सूचना आई, तो परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मृतक के बहनोई सावन राय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिमांशु की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि शरीर पर चोट के निशान साफ संकेत देते हैं कि युवक के साथ पहले मारपीट हुई होगी।
स्थानीय लोगों ने भी कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल परिसर शाम ढलने के बाद असुरक्षित हो जाता है। अक्सर यहां नशा करने वाले युवकों का जमावड़ा रहता है। आशंका जताई जा रही है कि किसी विवाद के दौरान युवक की हत्या कर दी गई और बाद में उसे स्कूल के कमरे में लटकाकर मामले को छिपाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया। एफएसएल विशेषज्ञों ने मौके से कई नमूने जुटाए हैं, जिनमें रस्सी, कपड़ों के रेशे और आसपास से मिले अन्य संभावित साक्ष्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
नगर थाना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि युवक की कॉल डिटेल्स, उसके दोस्तों से पूछताछ और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक रात में किन लोगों के संपर्क में था और वह स्कूल परिसर तक कैसे पहुंचा।
इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित रखने के लिए निगरानी और चौकीदारी की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसे या अपराध दोबारा न हो सकें।
मृतक के परिवार में शोक की लहर है। माता-पिता और भाई-बहन सदमे में हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। गांव और मोहल्ले के लोग भी परिवार के समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध मौत मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी और यदि हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि किसी भी संदिग्ध मौत की जांच कितनी संवेदनशील और जरूरी होती है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि यह आत्महत्या थी या एक सुनियोजित हत्या।







