पटना: राजधानी पटना में एक दर्दनाक और सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। नदी थाना क्षेत्र अंतर्गत कच्ची दरगाह के पास गंगा किनारे चार माह के दूधमुंहे बच्चे का कटा हुआ सिर मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने इसे नरमुंड बली जैसी जघन्य घटनाओं से जोड़ा और पुलिस हर संभावना पर गहन जांच में जुट गई है।

सूत्रों के अनुसार यह घटना सोमवार देर रात सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने गंगा किनारे सड़क के समीप बच्चे का सिर देखा। सूचना मिलते ही इलाके में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर बच्चे के धड़ की तलाश शुरू कर दी।
नदी थाना प्रभारी ने बताया कि मासूम का सिर धड़ से अलग पाया गया था। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं है कि इसे किसी हथियार से काटा गया या फिर किसी अन्य कारण से अलग हुआ। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बच्चों की मौत के बाद परिजन उन्हें गंगा में प्रवाहित कर देते हैं और जानवर शव को किनारे ला सकते हैं। लेकिन हत्या की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से सिर को धड़ से अलग किया गया है, उससे प्रतीत होता है कि यह बेरहमी से की गई हत्या हो सकती है। कुछ लोग इसे नरमुंड बली जैसी जघन्य घटनाओं से जोड़कर भी देख रहे हैं। घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है और लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है। इसके अलावा, आसपास के थानों से लापता बच्चों की सूची मंगवाई जा रही है ताकि किसी भी संभावना की पुष्टि की जा सके। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है।
बच्चे का कटा हुआ सिर फिलहाल नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और अन्य विवरणों की पुष्टि की जा सकेगी। पुलिस तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू की गहन जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना सामाजिक दृष्टि से बेहद चिंताजनक है। न केवल मासूम की जान जाने का दुख है, बल्कि यह दिखाता है कि ऐसे जघन्य अपराधों में सामाजिक और कानूनी निगरानी कितनी जरूरी है।
एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस पूरी गंभीरता से इस मामले की जांच कर रही है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या हाथीपानी संकेत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने इलाके में सुरक्षा के सवाल भी उठाए हैं। गंगा किनारे खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोग डर महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से यह मांग कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए और ऐसे अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए जाएँ।
पुलिस का कहना है कि बच्चा किसी हत्या या दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार हो सकता है। इसीलिए उन्होंने हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और लापता बच्चों की सूची की जांच के बाद ही वास्तविकता सामने आएगी।
पटना में यह घटना एक भयावह और चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा करती है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि मासूमों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। इसके अलावा, लोगों में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और ऐसी घटनाओं पर नजर रखने की भी आवश्यकता है।
इस तरह, गंगा किनारे मिले मासूम के कटा सिर की घटना न केवल कानूनी और पुलिसिया जांच का विषय बन गई है, बल्कि यह समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी भी है कि बच्चों की सुरक्षा और मानसिक समाजिक सुरक्षा के प्रति सभी को सजग रहना होगा।







