वैशाली जिले के करताहा थाना क्षेत्र में दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मृतका के ससुराल वालों ने उसे गला घोंटकर मार डाला और हत्या के बाद शव को पुलिस स्टिकर लगी स्कॉर्पियो वाहन में रखकर सारण जिले के सोनपुर अनुमंडल स्थित उसके मायके के सामने फेंक दिया।
घटना के अनुसार, करताहा बुजुर्ग गांव निवासी सरिता प्रकाश की शादी 9 मई 2025 को सत्येंद्र कुमार से हुई थी। शादी के बाद से ही सरिता को उसके ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। मृतका के पिता जयप्रकाश महतो ने बताया कि उनकी बेटी के साथ बार-बार मारपीट होती थी और अंततः शुक्रवार की रात उसकी हत्या कर दी गई।
घटना का एक CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी चिड़िया बाजार के पास आती है। गाड़ी से एक व्यक्ति उतरता है, बीच का गेट खोलता है और महिला का शव सड़क पर फेंक देता है। इसके बाद वाहन मौके से फरार हो जाता है।
स्थानीय चर्चा है कि इस घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो उसी पुलिस दरोगा से जुड़ी हुई थी, जिनके निजी चालक सत्येंद्र कुमार हैं। यह दरोगा वर्तमान में मुजफ्फरपुर जिले के एक थाने में तैनात हैं और पहले वैशाली जिले के करताहा थाने में पदस्थापित थे। पुलिस ने उनके ससुराल में छापेमारी कर संबंधित वाहन को जब्त कर लिया है। CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच जारी है।
करताहा थाना प्रशासन ने मृतका के पिता के आवेदन के आधार पर सत्येंद्र कुमार सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि घटना के दो दिन बाद भी पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
एसडीपीओ गोपाल मंडल ने कहा कि अगर वाहन इस मामले में संलिप्त पाया जाता है, तो करताहा थाना पुलिस हर संभव सहयोग करेगी। वहीं, हरिहरनाथ थाना अध्यक्ष विमलेश कुमार ने बताया कि CCTV फुटेज की गहन जांच की जा रही है और सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस मामले ने इलाके में दहेज हत्या और महिला सुरक्षा पर गहरी चिंता पैदा कर दी है। ग्रामीण और स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर से समाज में महिला उत्पीड़न और दहेज प्रथा की भयावहता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता दोनों की आवश्यकता है।








