दरभंगा में एक बेहद मामूली से विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। सिर्फ 50 रुपये के किराये को लेकर हुए झगड़े में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचडी) के कर्मचारी और ई-रिक्शा चालक पवन प्रसाद की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा अभी फरार है।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 जनवरी की तड़के करीब चार बजे लहेरियासराय थाना क्षेत्र में हुई। दरभंगा रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग लड़के ई-रिक्शा पर सवार होकर कमर्शियल चौक पहुंचे थे। वहां उतरने के बाद किराये को लेकर विवाद शुरू हो गया। चालक पवन प्रसाद ने 150 रुपये किराया मांगा, जबकि दोनों लड़के 100 रुपये ही देने पर अड़े रहे। कहासुनी धीरे-धीरे झगड़े में बदल गई।
आरोप है कि गुस्से में आकर एक नाबालिग ने चाकू निकाला और पवन प्रसाद के गले पर वार कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पवन सड़क पर गिर पड़े और गंभीर चोट के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
चौंकाने वाली बात यह रही कि यह हत्या लहेरियासराय थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस पर दबाव बढ़ गया। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दोनों आरोपी घटना के बाद बालोदिया ट्रेडर्स के पास स्थित गली से भागते नजर आए।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने करीब सात दिन बाद एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस का कहना है कि दूसरा आरोपी भी लहेरियासराय थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
मृतक पवन प्रसाद बहेड़ी थाना क्षेत्र के निवासी थे। वह पीएचडी विभाग में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पार्ट टाइम ई-रिक्शा चलाते थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पवन का पूर्व में भी आपराधिक मामलों से नाता रहा था और वह एक गोलीबारी के मामले में जेल जा चुके थे। पारिवारिक विवाद के चलते उनकी पत्नी उनसे अलग रह रही थी। हत्या के बाद एक महिला द्वारा खुद को उनकी पत्नी बताए जाने से मामला और उलझ गया।
लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि हत्या का मामला सुलझा लिया गया है। एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी पकड़ लिया जाएगा।
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी-सी बात किस तरह एक इंसान की जान ले सकती है।







