बिहार के वैशाली जिले में रेलवे संपत्ति की चोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जांच में पता चला कि चोरी में शामिल लोग खुद रेलवे से जुड़े कर्मचारी ही थे। रेलवे सुरक्षा बल ने “ऑपरेशन रेल सुरक्षा” के तहत कार्रवाई करते हुए चोरी का सामान बरामद किया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरपीएफ की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि रेलवे सिग्नल विभाग से जुड़े उपकरणों की चोरी कर उन्हें कबाड़ियों को बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने कुढ़नी रेलवे स्टेशन के पास जांच अभियान चलाया। इस दौरान दो निजी ट्रैक पेट्रोलमैन संदिग्ध हालत में पकड़े गए। तलाशी लेने पर उनके पास से रेलवे सिग्नल विभाग में उपयोग होने वाली बैटरियां बरामद हुईं। चोरी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी के नेटवर्क का खुलासा किया। उनकी निशानदेही पर आरपीएफ ने गोरौल थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर बाजार में छापेमारी की। यहां दो कबाड़ी दुकानदारों के पास से रेलवे का और भी सामान बरामद किया गया। बरामद सामग्री में कुल 15 सिग्नल बैटरियां और रेल पथ में उपयोग होने वाली विशेष बेयरिंग प्लेट शामिल हैं, जो रेलवे संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय रेल से जुड़े संपत्ति चोरी के आरोप में मामला दर्ज किया गया। उन्हें रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट हाजीपुर में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की चोरी न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान करती है, बल्कि रेल संचालन की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा करती है।
इस कार्रवाई को रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







