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नौकरी का भरोसा भारी पड़ा: दोस्त ने बंधक बनाकर मारपीट, पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी

January 26, 20261 Mins Read
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हाजीपुर में नौकरी का झांसा देकर दोस्त ने ही एक युवक को बंधक बनाकर मारपीट की और पांच लाख रुपये की फिरौती मांग डाली। यह मामला न सिर्फ विश्वासघात का है, बल्कि दोस्ती में छिपे अपराध का उदाहरण भी बन गया। पीड़ित युवक किसी तरह अपने जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर थाना पहुंचा और पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

घटना के अनुसार, पटना जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार को नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया गया। आरोप है कि उसके दोस्त नितेश और हैप्पी ने फ्लिपकार्ट में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। राहुल ने बताया कि पहले उससे 25 हजार रुपये और मोबाइल फोन ले लिए गए, इसके बाद उसे नगर थाना क्षेत्र के तंगौल मोहल्ला स्थित एक मकान में ले जाकर बंधक बना लिया गया। वहां दो दिनों तक उसके साथ मारपीट की गई और पांच लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई।

राहुल ने बताया कि उसकी दोस्ती नितेश और हैप्पी से नालंदा जिले के हिलसा स्थित कंपनी में काम करते समय हुई थी। कुछ महीने पहले तीनों ने कंपनी छोड़ दी थी। 23 जनवरी को आरोपियों ने राहुल को फोन कर नौकरी का झांसा दिया और 25 हजार रुपये की मांग की। राहुल इसके बाद सोनपुर स्थित होटल पहुंचा, जहां उसे पकड़ लिया गया।

तीन दिन तक बंधक बनाए रखने के बाद, शनिवार की दोपहर राहुल किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बच निकला और नगर थाना पहुंच गया। पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देने के बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया गया।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस ने तंगौल मोहल्ला स्थित मकान पर छापेमारी की, लेकिन दोनों आरोपियों की वहां कोई निशान नहीं मिली। राहुल की शिकायत पर सोनपुर थाना क्षेत्र के दोनों युवकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है।

नगर थानाध्यक्ष सिकंदर कुमार ने बताया कि नौकरी के बहाने युवक को बुलाकर बंधक बनाया गया, उससे मारपीट की गई और पांच लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सक्रिय है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में युवा अत्यधिक सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के नौकरी का भरोसा मिलने पर सीधे प्रमाणित स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। दोस्ती या परिचितों पर अंधविश्वास कभी-कभी जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।

यह मामला युवा वर्ग के लिए चेतावनी भी है कि नौकरी के नाम पर वित्तीय और शारीरिक सुरक्षा को जोखिम में नहीं डालना चाहिए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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