पश्चिम चंपारण जिले के साठी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन ली। गुलाब नगर रेलवे ढाला और साठी रेलवे स्टेशन के बीच पिलर संख्या 234/31 के पास दो अज्ञात युवक रेलवे ट्रैक के बेहद करीब खड़े होकर मोबाइल कैमरे से वीडियो बना रहे थे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की चाह में युवकों ने जोखिम भरा कदम उठाया, जो उनकी जान ले गया।

दो ट्रेनों के बीच फंसे युवक
इसी दौरान अमृत भारत एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से नरकटियागंज की ओर तेज गति से गुजर रही थी। उसी समय विपरीत दिशा से एक फौजी ट्रेन भी आ रही थी। अचानक दोनों ट्रेनों की आवाज और रफ्तार से युवक घबरा गए और संभलने का मौका नहीं मिल पाया। अगले ही क्षण दोनों युवक अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
मौके पर ही मौत, शव क्षत-विक्षत
हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवकों के शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। घटनास्थल पर मौजूद लोग दहशत में पड़ गए और अफरातफरी मच गई। कुछ ही देर में सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी स्तब्ध नजर आए। चीख-पुकार और हाहाकार का माहौल बन गया।
परिजन शव लेकर चले गए
हादसे के तुरंत बाद परिजन शव लेकर मौके से चले गए। इस कारण मृतकों की पहचान और कानूनी प्रक्रिया में कठिनाई उत्पन्न हो गई। फिलहाल दोनों युवकों की पहचान नहीं हो पाई है।
पुलिस और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हुआ। साठी थाना क्षेत्र के स्टेशन अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी जीआरपी बेतिया को भेज दी गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है।
इलाके में शोक और चिंता का माहौल
इस हादसे ने पूरे साठी इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर गहरी चिंता और दुःख व्यक्त कर रहे हैं। सामाजिक और स्थानीय लोग इसे सोशल मीडिया के लिए जोखिम भरे तरीके अपनाने पर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
सावधानी की अपील
रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ट्रैक के पास खड़े होकर वीडियो बनाना या सेल्फी लेना अत्यंत जोखिम भरा है। सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में अपनी जान को खतरे में डालना कभी भी सही नहीं है। यह हादसा युवा वर्ग के लिए एक गहरी सीख है कि सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।
समाज और परिवारों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह दुर्घटना बहुत ही दुखद और संवेदनशील है। हादसे ने दो परिवारों को गहरा झटका दिया और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया। परिजन और गांव के लोग अब घटनास्थल से हटकर अपने परिवारों की सुरक्षा और बच्चों की देखभाल पर ध्यान दे रहे हैं।
निष्कर्ष
साठी के इस हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे ट्रैक के पास किसी भी तरह की हल्के-फुल्के या मनोरंजन के लिए गतिविधियाँ करना जानलेवा साबित हो सकती हैं। सोशल मीडिया की दौड़ में युवा अक्सर अपनी सुरक्षा भूल जाते हैं, और इसका खामियाजा कभी-कभी इतना भारी होता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस तरह के खतरनाक कार्यों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और किसी भी नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







