Shopping cart

Breaking News :
  • Home
  • बिहार
  • बिहार समाचार: सड़क दुर्घटना में शहीद हुई महिला दरोगा रिंकी कुमारी, पैतृक गांव में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई
बिहार

बिहार समाचार: सड़क दुर्घटना में शहीद हुई महिला दरोगा रिंकी कुमारी, पैतृक गांव में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

January 30, 20260 Mins Read
55

बिहार के औरंगाबाद जिले से दुखद समाचार सामने आया है। एक सड़क दुर्घटना में महिला पुलिस अवर निरीक्षक रिंकी कुमारी की असमय मृत्यु ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। उनकी पार्थिव देह बुधवार देर शाम हाईवे पर हुई इस दर्दनाक घटना के बाद उनके पैतृक गांव भुल्लो लाया गया, जहां पूरे सम्मान और गरिमापूर्ण अंदाज में उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

रिंकी कुमारी जमुई जिले के लछुआड़ थाना क्षेत्र के भुल्लो गांव की निवासी थीं। वे वर्ष 2020 में दरोगा के पद पर चयनित हुई थीं और वर्तमान में औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना में अवर निरीक्षक के रूप में सेवाएँ दे रही थीं। बताया गया है कि प्रतिनियुक्ति के दौरान हाईवे पर उनका वाहन दुर्घटना का शिकार हो गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

पारितोषिक जीवन से भरी हुई रिंकी कुमारी अपने परिवार में सबसे छोटी थीं। उनके पिता दशरथ महतो ईसीएल पुरुलिया में कार्यरत हैं। रिंकी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पुरुलिया से प्राप्त की और बाद में कोलकाता से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने की प्रेरणा दी। वर्ष 2020 में उन्होंने कठिन परीक्षाओं और कड़ी मेहनत के बल पर दरोगा बनने का गौरव हासिल किया। उनके वर्दी धारण करने के बाद पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल था, लेकिन अब उनकी अचानक और दुखद मृत्यु ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

गांव पहुँचते ही रिंकी कुमारी के पार्थिव शरीर के चारों ओर ग्रामीणों का उमड़ता हुजूम देखने को मिला। उनके परिजनों के करुण क्रंदन और आंसुओं ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। श्रद्धांजलि समारोह में एसडीपीओ सतीश सुमन, पुलिस निरीक्षक स्वयंप्रभा, थानाध्यक्ष रूपेश कुमार, अवर निरीक्षक रीमा कुमारी सहित जमुई पुलिस लाइन के कई वरिष्ठ अधिकारी और जवान मौजूद रहे। सभी ने गार्ड ऑफ ऑनर के माध्यम से शहीद दरोगा को अंतिम सलामी दी और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर जदयू जिलाध्यक्ष शैलेंद्र महतो, राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर, शीतल मेहता सहित सैकड़ों ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने पुष्प अर्पित कर रिंकी कुमारी को नमन किया। उनके असमय निधन ने न केवल उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुँचाई है, बल्कि पूरे जिले के लोगों को भी गहरे दुख में डाल दिया है।

रिंकी कुमारी के समर्पण और अनुशासन की मिसाल हमेशा याद रखी जाएगी। उनके साहस और समर्पण ने कई युवाओं के लिए प्रेरणा का काम किया। एक ऐसे समय में जब समाज में महिला सुरक्षा और पुलिस सेवा की चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, रिंकी कुमारी का जीवन उनके प्रयास और समर्पण का प्रतीक रहा।

पुलिस विभाग और स्थानीय प्रशासन ने शहीद महिला दरोगा की असमय मृत्यु को देखते हुए परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। मृतका के परिजनों को न्याय और सहारा देने के लिए पुलिस उच्च अधिकारियों ने विशेष ध्यान देने का संकल्प लिया है।

भुल्लो गांव में आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव ने सामूहिक रूप से शोक व्यक्त किया। उनके परिवारजन, रिश्तेदार और गांव के लोग भावविभोर नजर आए। इस दुखद घड़ी में समुदाय ने मिलकर शहीद को सम्मानित किया और उनके साहसिक योगदान को याद किया।

रिंकी कुमारी की जीवनगाथा यह संदेश देती है कि दृढ़ निश्चय, मेहनत और सेवा के प्रति समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी मौत ने बिहार के पुलिस विभाग और समाज को एक अनुकरणीय अधिकारी खोने का दुःख दिया है।

इस हादसे ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना और यातायात नियमों का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। रिंकी कुमारी की असमय मृत्यु न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी और सीख है।

रिंकी कुमारी के परिवार ने उनके निधन के बाद भी उनका नाम और सम्मान कायम रखने का संकल्प लिया है। उनका जीवन और कार्य हमेशा बिहार पुलिस और उनके पैतृक गांव भुल्लो के लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।

इस प्रकार, रिंकी कुमारी का निधन दुखद जरूर है, लेकिन उनका साहस, समर्पण और सेवा की भावना आज भी सभी के लिए आदर्श बने हुए हैं। उनके लिए गार्ड ऑफ ऑनर और पूरे सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई उनके योगदान का जीवंत प्रमाण है।

Related Posts