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मधुबनी में निगरानी का बड़ा एक्शन: 12 हजार रुपये रिश्वत लेते पंचायत तकनीकी सहायक धराया

February 12, 20261 Mins Read
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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड से एक अहम मामला सामने आया है, जहां पंचायत तकनीकी सहायक हरि रंजन कुमार को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया और अन्य कर्मियों में भी खलबली देखी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग में तैनात तकनीकी सहायक के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत निगरानी विभाग को मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक सरकारी कार्य से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बदले 12 हजार रुपये की मांग की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए निगरानी विभाग ने सत्यापन के बाद जाल बिछाने की योजना बनाई।

पटना से आई नौ सदस्यीय टीम ने डीएसपी मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने पहले से रणनीति तैयार की और तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही तकनीकी सहायक ने 12 हजार रुपये की घूस ली, मौके पर मौजूद निगरानी टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान रकम भी बरामद कर ली गई।

निगरानी डीएसपी मो. वसीम फिरोज ने बताया कि आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से धन की मांग कर रहा था। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई और उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर लिप्त पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए टीम अपने साथ ले गई है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। संबंधित दस्तावेजों और कार्यालयीय अभिलेखों की भी जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद कलुआही प्रखंड कार्यालय में अफरातफरी का माहौल रहा। कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय यही रहा कि निगरानी विभाग की टीम अचानक पहुंची और कार्रवाई कर चली गई। स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से ही व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

गौरतलब है कि मधुबनी समेत राज्य के विभिन्न जिलों में निगरानी विभाग समय-समय पर छापेमारी करता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई अधिकारी और कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। इसके बावजूद भ्रष्टाचार की शिकायतें पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं। ऐसे में विभाग की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि अवैध वसूली करने वालों पर कानून का शिकंजा कसना तय है।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। निगरानी विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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