वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र में एक परिवार को दहशत में डालने वाली घटना सामने आई है। महुआ पुरानी बाजार स्थित रतन चौधरी के परिजनों के घर अज्ञात बदमाशों ने जान से मारने की धमकी भरा पत्र फेंका है। पत्र के साथ कफन भी रखा गया था, जिसे देखकर और पत्र की भाषा पढ़कर पूरे परिवार में भय का माहौल बन गया।

परिजनों के अनुसार, यह पत्र रतन चौधरी के नाम से उनके छोटे भाई के घर के अंदर फेंका गया। जैसे ही परिवार के लोगों ने पत्र खोला, उसमें लिखी धमकियों ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि चाहे आज हो, कल हो या भविष्य में कभी भी, रतन चौधरी को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा।
धमकी भरे पत्र में ‘छोटा गिफ्ट’ का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि यह गिफ्ट मरने के बाद काम आएगा। पत्र के साथ रखा गया कफन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि भेजने वाला व्यक्ति परिवार को मानसिक रूप से डराने की कोशिश कर रहा है। इस घटना के बाद घर के सभी सदस्य सहमे हुए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने सबसे पहले डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया। परिवार का आरोप है कि डायल 112 की टीम ने यह कहकर मौके पर आने से इनकार कर दिया कि धमकी देने वाला व्यक्ति अज्ञात है और उन्हें थाने में आवेदन देने की सलाह दी गई। इसके बाद पीड़ित परिवार महुआ थाना पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी दी।
परिजनों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उन्हें तीन बार धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं। इनमें से दो पत्र स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे गए थे, जबकि 1 जनवरी को भी इसी तरह घर में धमकी भरा पत्र फेंका गया था। उस समय पुलिस को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद घर में सीसीटीवी कैमरा लगाने की सलाह दी गई थी। परिवार ने पुलिस की सलाह पर कैमरे भी लगवा लिए हैं।
लगातार मिल रही धमकियों से परिवार मानसिक तनाव में है। परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मामले में महुआ थाना अध्यक्ष राजेश रंजन ने बताया कि महुआ पुरानी बाजार में धमकी भरा पत्र फेंके जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एक बार इसी तरह का पत्र मिला था, जिस पर पुराने विवाद के आधार पर केस दर्ज किया गया था और लगभग 15 दिनों तक चौकीदार की ड्यूटी भी लगाई गई थी। उस समय पत्र पोस्ट ऑफिस के माध्यम से आया था और उसकी जांच भी कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
थाना अध्यक्ष ने बताया कि अब दोबारा इस तरह की घटना सामने आई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल परिवार सुरक्षा की मांग कर रहा है और इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।







