गया जिले में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला अब सिर्फ अपराध की खबर नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसी साजिश बन गया है जिसने पुलिस से लेकर मेडिकल जगत तक सभी को चौंका दिया है। इस मामले में पीड़ित बनकर सामने आए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र कुमार ही अब मुख्य आरोपी के तौर पर पुलिस की जांच के दायरे में हैं।

मामले की शुरुआत दिसंबर के आखिरी सप्ताह में हुई, जब डॉक्टर की पत्नी विभा कुमारी के मोबाइल फोन पर अज्ञात कॉल आने लगे। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई और कोलकाता से बताते हुए एक करोड़ रुपये की मांग की। धमकी इतनी गंभीर थी कि कहा गया—अगर पैसे नहीं मिले तो अंजाम बहुत बुरा होगा।
इस घटना से डॉक्टर का परिवार दहशत में आ गया। 7 जनवरी को डॉ. सत्येंद्र कुमार ने मगध मेडिकल थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला हाई-प्रोफाइल था, इसलिए पुलिस प्रशासन ने तुरंत इसे गंभीरता से लिया। SIT का गठन हुआ और तकनीकी जांच शुरू की गई।
शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जल्द ही पुलिस को कुछ ऐसी जानकारियां मिलीं, जिन्होंने पूरे केस की दिशा ही बदल दी।
जांच में सामने आया कि धमकी भरे कॉल जिन लोकेशन से किए गए बताए जा रहे थे, वहां से जुड़े तार डॉक्टर के ही जान-पहचान वालों तक पहुंच रहे हैं। कॉल पैटर्न, समय और बातचीत के तरीके ने पुलिस को शक में डाल दिया। इसके बाद डॉक्टर की भूमिका की गहन जांच की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिससे यह संकेत मिला कि रंगदारी की यह कहानी पहले से प्लान की गई थी। इसी आधार पर डॉ. सत्येंद्र कुमार को हिरासत में लिया गया। साथ ही दो अन्य आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है, जो नर्सिंग होम का संचालन करते हैं।
अब पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि
🔍 रंगदारी की रकम आखिर किसे और क्यों चाहिए थी?
🔍 क्या यह पैसों के बंटवारे की साजिश थी?
🔍 या फिर किसी और को फंसाने की कोशिश?
डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद मगध मेडिकल कॉलेज में अफरा-तफरी का माहौल है। कर्मचारी और मरीज दोनों ही हैरान हैं कि जिस डॉक्टर पर लोग भरोसा करते थे, वही इस तरह के मामले में फंस गया।
मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई जल्द ही सामने लाई जाएगी। पुलिस के वरीय अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सनसनीखेज केस का खुलासा करेंगे।







