जहानाबाद में चर्चित नीट छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। एक तरफ इस संवेदनशील मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर छात्रा के परिवार को मिल रही धमकियों ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि परिवार को अपनी सुरक्षा खुद मजबूत करनी पड़ी। लगातार दो बार धमकी भरी पर्चियां मिलने के बाद परिजनों ने घर के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

परिजनों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से उन्हें अज्ञात लोगों द्वारा डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। परिवार का दावा है कि अब तक दो बार उनके घर के परिसर में धमकी भरी पर्चियां फेंकी जा चुकी हैं। इन घटनाओं ने न केवल परिवार को दहशत में डाल दिया है, बल्कि पूरे इलाके में भी सनसनी फैला दी है।
परिवार ने बताया कि पहली पर्ची 14 फरवरी को उनके घर के अंदर पाई गई थी। उस समय भी परिवार ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस को सूचना दी। हालांकि मामला यहीं नहीं रुका। कुछ ही दिनों बाद 17 फरवरी को फिर एक और धमकी भरी पर्ची घर के परिसर में फेंकी गई। दूसरी पर्ची की भाषा पहले से कहीं ज्यादा डराने वाली बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार, पर्ची में साफ शब्दों में लिखा था—“ना मानोगे बेटी गई, बेटा भी मर जाएगा।” इस तरह की सीधी धमकी ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर के सदस्यों का कहना है कि वे पहले ही अपनी बेटी को खोने के दुख से उबर नहीं पाए हैं, ऊपर से मिल रही धमकियों ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है। परिवार के लोग मानसिक दबाव और भय के माहौल में रह रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने स्तर पर भी सतर्कता बढ़ाने का फैसला किया। इसी के तहत घर के मुख्य दरवाजे, आंगन और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। परिवार का कहना है कि अब घर के बाहर और भीतर होने वाली हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान करने में मदद मिलेगी।
परिजनों का मानना है कि कैमरे लगने से कम से कम यह पता चल सकेगा कि धमकी भरी पर्चियां फेंकने वाला कौन है और वह कब आता-जाता है। परिवार ने उम्मीद जताई है कि तकनीकी निगरानी से पुलिस जांच को भी मजबूती मिलेगी।
इधर स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इलाके में गश्त बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि धमकियों के पीछे किसका हाथ है, इसका पता लगाने के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, टीम तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। साथ ही पर्चियों की लिखावट, कागज और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी ठोस सुराग तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस बीच, मामला पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है क्योंकि नीट छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच CBI कर रही है। ऐसे में परिवार को मिल रही धमकियों ने केस की गंभीरता और बढ़ा दी है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी घटना पर चिंता जताई है और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील केस में गवाहों या पीड़ित परिवार को धमकी मिलना जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी होती है। यदि समय रहते दोषियों की पहचान कर कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ सकते हैं।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां दोनों ही अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हैं। परिवार लगातार सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। इलाके के लोग भी चाहते हैं कि मामले का जल्द खुलासा हो और धमकी देने वालों को कानून के दायरे में लाया जाए।
कुल मिलाकर, जहानाबाद का यह मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें डर, दबाव और सुरक्षा की नई परतें जुड़ गई हैं। परिवार की निगाहें अब जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि आखिर धमकी देने वाले कौन हैं और उन्हें कब तक बेनकाब किया जाएगा।







