पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा एक खुशहाल परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया। ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में दादा और पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात साल की मासूम बच्ची जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। इस हादसे ने न सिर्फ एक घर का चिराग बुझा दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया।

घटना बगहा मुख्य मार्ग पर अभय स्टील के सामने हुई, जहां अचानक तेज रफ्तार ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई, आसपास के लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान गोनौली थाना लौरिया निवासी बदरी मियां (62) और उनके बेटे जावेद आलम (22) के रूप में हुई है। बदरी मियां अपने बेटे और पोती के साथ मोटरसाइकिल से सफर कर रहे थे। जावेद आलम ही बाइक चला रहे थे। वह रोजगार के सिलसिले में बाहर रहकर वेल्डिंग का काम करते थे और परिवार की जिम्मेदारियों को कंधों पर उठाए हुए थे।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार का दिन उनके लिए एक सामान्य दिन की तरह ही शुरू हुआ था। जावेद आलम अपने पिता बदरी मियां और सात वर्षीय बेटी साजिया खातून के साथ हरनाटांड मिश्रौली में रहने वाली अपनी छोटी बहन से मिलने के लिए निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा। घर से निकलते वक्त किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ घंटों बाद एक साथ दो जनाजे उठेंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर इतनी तेज थी कि बदरी मियां और जावेद आलम ने वहीं सड़क पर दम तोड़ दिया। हादसे में जावेद की मासूम बेटी साजिया खातून गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायल बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत को देखते हुए परिजन लगातार दुआ कर रहे हैं।
बताया जाता है कि जावेद आलम तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई तवरेज मियां हैं। जावेद की असमय मौत ने परिवार की कमर तोड़ दी है। वह घर के कमाने वाले सदस्य थे और अपने बूढ़े पिता, पत्नी और छोटी बच्ची की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। एक ही हादसे में पिता और बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
जैसे ही हादसे की खबर गोनौली गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन बदहवास हालत में रोते-बिलखते नजर आए। गांव की गलियों में सन्नाटा छा गया और हर आंख नम हो गई। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे थे कि जो पिता-पुत्र सुबह घर से हंसते-खेलते निकले थे, वे अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को सड़क से हटवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को भी सड़क से हटवाया गया ताकि यातायात बहाल हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। ट्रैक्टर चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बगहा मुख्य मार्ग पर अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है और तेज रफ्तार के कारण यहां हादसे होते रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां परिवार अपने प्रियजनों को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर सात साल की मासूम बच्ची अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है। गांव के लोग और रिश्तेदार लगातार अस्पताल जाकर बच्ची का हालचाल पूछ रहे हैं और उसके जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं।
एक ही परिवार से दादा और पिता की मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा न सिर्फ एक खबर है, बल्कि उन तमाम परिवारों के लिए एक चेतावनी भी है, जो हर दिन सड़कों पर सफर करते हैं। सड़क पर एक पल की लापरवाही किस तरह जिंदगी भर का दर्द दे सकती है, इसका यह हादसा एक दुखद उदाहरण बन गया है।







