नौबतपुर थाना क्षेत्र के तीसखोरा गांव में मंगलवार को एक बुजुर्ग का शव आहर में तैरता मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना ग्रामीणों और आसपास के लोगों के लिए चौंकाने वाली थी। मृतक की पहचान बुधन मांझी (65) के रूप में हुई, जो ग्राम कटारी, थाना रानीतालाब के निवासी थे। बुधन कुछ दिन पहले अपनी बेटी के घर तीसखोरा गांव आए थे और तब से लापता थे।

सूचना के अनुसार, बुधन मांझी करीब छह दिनों तक अपने परिवार और परिचितों के सामने नहीं आए। उनकी अचानक लापता होने की खबर से परिवार चिंतित था और उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी थी। मंगलवार को सुबह ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित पइन (आहर) में एक शव तैरता देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
नौबतपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मृतक की मौत डूबने के कारण हुई है, लेकिन इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगी। शव को सुरक्षित रूप से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए पटना एम्स भेज दिया गया है।
इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। आसपास के लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हुए और सब घटना की गंभीरता को देखकर स्तब्ध रह गए। कई लोगों ने बताया कि बुधन मांझी अपने स्वभाव से शांत और मिलनसार व्यक्ति थे और किसी के साथ उनका कोई विवाद नहीं था। ग्रामीणों के अनुसार, उनकी अचानक लापता होने की खबर से ही पूरे इलाके में चिंता का माहौल था।
थाना प्रभारी संजीत कुमार ने यह भी कहा कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस जांच में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृतक की मौत के सही कारण का पता चलेगा और यदि किसी तरह की आपराधिक गतिविधि पाई गई, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोग मान रहे हैं कि बुधन मांझी की मौत स्वाभाविक रूप से हुई होगी। ग्रामीणों के अनुसार, आहर का पानी काफी गहरा है और बुजुर्ग अक्सर गांव के आसपास पानी से जुड़े स्थानों पर जाते रहते थे। हालांकि, पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या संदेहास्पद पहलू को नजरअंदाज न किया जा सके।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि बुधन मांझी बहुत ही जिम्मेदार और मिलनसार व्यक्ति थे। वे अक्सर अपने घर-परिवार के कामकाज में लगे रहते थे और गांव में भी उनका सम्मान था। परिवार और स्थानीय लोग इस घटना से भावुक और स्तब्ध हैं।
इस घटना ने गाँव और आसपास के इलाके में सुरक्षा और सतर्कता पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीण अब अपने बुजुर्गों और बच्चों के पानी के आसपास जाने पर अधिक ध्यान देने लगे हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से आग्रह किया है कि इस तरह के स्थानों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधन मांझी का आहर में शव मिलने की खबर सुनते ही हर किसी के चेहरे पर दुख और चिंता साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि मामले की पूरी जांच की जाए ताकि किसी भी तरह की अनिश्चितता खत्म हो और परिवार को मानसिक शांति मिल सके।
हालांकि, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर फोरेंसिक टीम और अन्य अधिकारियों को बुलाया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि अगर पोस्टमार्टम में कोई असामान्य स्थिति पाई गई, तो कानूनी कार्रवाई तत्काल की जाएगी।
इस बीच, तीसखोरा गांव और आसपास के लोग इस दुखद घटना को लेकर शोक व्यक्त कर रहे हैं। सभी लोग मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बुधन मांझी हमेशा सभी के लिए मददगार और सहयोगी रहे हैं, इसलिए उनका यह असमय निधन पूरे गांव के लिए बड़ा सदमा है।
यह घटना हमें यह भी याद दिलाती है कि पानी के आसपास सुरक्षा का कितना महत्व है। चाहे बुजुर्ग हों या बच्चे, पानी के निकट सतर्क रहना और जरूरी सावधानियां अपनाना बहुत जरूरी है। पुलिस और प्रशासन की ओर से यह भी संदेश दिया गया है कि ग्रामीणों को पानी के आसपास के स्थानों पर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों पर स्पष्टता आएगी, लेकिन फिलहाल इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और चिंता की लहर फैला दी है।







