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गोपालगंज में जुड़वां बहनों की निर्मम हत्या, मां ने खोली साजिश की परतें

February 12, 20261 Mins Read
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गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में दो मासूम जुड़वां बहनों की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दशहरे पर जिन बच्चियों का ‘कन्या पूजन’ हुआ था, वे इस बार त्योहार देखने से पहले ही दरिंदगी का शिकार हो गईं। इस हत्याकांड ने न सिर्फ गांव बल्कि पूरे जिले में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। मृत बच्चियों की मां ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं।

मृत बच्चियों की पहचान रिद्धि और रितिका के रूप में हुई है। दोनों सोमवार की दोपहर करीब तीन बजे जगदीशपुर प्राथमिक विद्यालय से पढ़ाई खत्म कर पैदल घर लौट रही थीं। उनकी मां पुष्पा देवी के अनुसार, इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत दोनों को रास्ते से अगवा कर लिया। आरोप है कि गांव के ही मुनीलाल सिंह और पवन कुमार ने बच्चियों को पकड़कर पास के सरसों के खेत में ले जाकर छिपा दिया। वहां पहले से पिंटू सिंह मौजूद था।

पुष्पा देवी का कहना है कि इसके बाद मुनीलाल सिंह ने फोन कर अन्य लोगों को भी मौके पर बुलाया। आरोप के मुताबिक प्रियंका देवी, आरती देवी, सुदामा देवी और मालती देवी भी वहां पहुंचीं। मां का आरोप है कि सभी ने मिलकर दोनों मासूम बच्चियों के मुंह में मिट्टी ठूंस दी, जिससे उनकी सांस रुक गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह आरोप सुनकर हर कोई सन्न है कि आखिर इतनी छोटी बच्चियों से ऐसी क्या दुश्मनी हो सकती थी कि उन्हें इस तरह बेरहमी से मार दिया गया।

घटना के समय खेत की ओर से बच्चियों के चिल्लाने की आवाज सुनकर कुछ ग्रामीण उधर दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने खेत में दोनों बच्चियों को बेसुध हालत में पाया। जब उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में मातम छा गया और लोग स्तब्ध रह गए।

मृत बच्चियों की मां ने आरोप लगाया है कि यह हत्या पूर्व की रंजिश के कारण की गई है। हालांकि रंजिश का कारण क्या था, इस पर पुलिस जांच कर रही है। पुष्पा देवी ने थाने में सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपियों में मुनीलाल सिंह, पवन कुमार, पिंटू सिंह के अलावा चार महिलाएं—प्रियंका देवी, आरती देवी, सुदामा देवी और मालती देवी—शामिल हैं।

थावे थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने छापेमारी कर तीन महिलाओं—प्रियंका देवी, सुदामा देवी और मालती देवी—को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष हरे राम कुमार ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ की गई है और उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होगी। फिलहाल, मां के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक विवाद के बाद इसे अंजाम दिया गया।

इस हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के लोग भी हैरान हैं कि आखिर इतनी छोटी बच्चियों के साथ ऐसी क्रूरता कैसे की जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि रिद्धि और रितिका बेहद मासूम और चंचल स्वभाव की थीं। वे रोज स्कूल जाती थीं और अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रही थीं। किसी ने नहीं सोचा था कि उनके साथ ऐसा भयावह हादसा हो जाएगा।

पिछले वर्ष दशहरे के अवसर पर गांव में कन्या पूजन के दौरान इन दोनों बच्चियों की पूजा की गई थी। इस बार भी परिवार त्योहार की तैयारी कर रहा था। लेकिन त्योहार से पहले ही घर में मातम छा गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार यही सवाल कर रही है कि आखिर उनकी बेटियों ने किसका क्या बिगाड़ा था।

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने एहतियातन अतिरिक्त बल की तैनाती की है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

यह घटना समाज के सामने एक कड़वी सच्चाई भी रखती है कि व्यक्तिगत रंजिश या विवाद कभी-कभी मासूमों की जान तक ले लेता है। ऐसे मामलों में कानून की सख्ती और समाज की जागरूकता दोनों जरूरी हैं। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पूरे जिले की नजर इस मामले पर टिकी है, और हर कोई उम्मीद कर रहा है कि मासूम रिद्धि और रितिका को न्याय जरूर मिलेगा।

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