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पटना मेट्रो की रफ्तार तेज, मलाही पकड़ी पर पार्किंग और खेमनीचक 90% तैयार

February 10, 20261 Mins Read
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पटना मेट्रो परियोजना के प्राथमिक कॉरिडोर पर काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मलाही पकड़ी स्टेशन को यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं, वहीं खेमनीचक स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा होने की स्थिति में है। विभागीय समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति, शेष कार्यों और निरीक्षण की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लंबित कार्य पूरे करने का निर्देश दिया है।

सोमवार को नगर विकास एवं आवास विभाग में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विभागीय सचिव सह पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) के निदेशक संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मेट्रो कॉरिडोर के हर खंड की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। तय लक्ष्यों की तुलना जमीनी प्रगति से की गई और जहां भी देरी या तकनीकी बाधाएं सामने आईं, वहां समाधान के निर्देश दिए गए।

मलाही पकड़ी स्टेशन पर मिलेगी पार्किंग सुविधा

बैठक में बताया गया कि मलाही पकड़ी स्टेशन के पिछले हिस्से में विभाग की जमीन उपलब्ध है, जिस पर फिलहाल झोपड़पट्टी बसी हुई है। योजना है कि इस जमीन को खाली कराकर वहां पार्किंग की सुविधा विकसित की जाए। इससे मेट्रो यात्रियों को निजी वाहन खड़ा करने की सहूलियत मिलेगी और आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।

अधिकारियों का मानना है कि पार्किंग सुविधा मिलने से मलाही पकड़ी स्टेशन एक प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में विकसित होगा। बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन से यहां आकर मेट्रो का उपयोग कर सकेंगे। इससे शहर के अन्य हिस्सों तक तेज और सुगम यात्रा संभव होगी।

ट्रैक और बिजली का काम लगभग पूरा

निर्माण एजेंसी ने बैठक में जानकारी दी कि मलाही पकड़ी से खेमनीचक होते हुए भूतनाथ स्टेशन से पहले तक ट्रैक बिछाने और बिजली से संबंधित कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि इस खंड में परिचालन शुरू करने की दिशा में तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

5 फरवरी को मलाही पकड़ी स्टेशन पर एएसएस (ऑक्ज़ीलरी सब स्टेशन) को चार्ज करने के लिए विद्युत आपूर्ति शुरू की गई थी। इससे पहले 23 जनवरी को चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर द्वारा निरीक्षण भी किया जा चुका है। यह प्रक्रिया मेट्रो संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

खेमनीचक स्टेशन 90 प्रतिशत तैयार

निर्माण एजेंसी के अनुसार खेमनीचक स्टेशन का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को मार्च या अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्टेशन की संरचना, प्लेटफॉर्म, एंट्री-एग्जिट गेट और अन्य बुनियादी ढांचे का काम अंतिम चरण में है।

यदि सब कुछ तय समय के अनुसार चलता है तो जल्द ही यह स्टेशन भी परिचालन के लिए तैयार हो जाएगा। इससे आसपास के इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और शहर के पूर्वी हिस्से में आवागमन और बेहतर होगा।

निरीक्षण के बाद ही शुरू होगा परिचालन

भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले दो अहम निरीक्षण होंगे। 11 फरवरी को ईआईजी (इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्शन ग्रुप) द्वारा निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे। इसके बाद 25 फरवरी को सीएमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) द्वारा अंतिम निरीक्षण किया जाएगा।

रेल संरक्षा आयुक्त की मंजूरी के बाद ही इस खंड में मेट्रो का परिचालन शुरू किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है ताकि यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा मिल सके।

टनल खुदाई कार्य की समीक्षा

बैठक में भूमिगत कॉरिडोर के तहत चल रहे टनल खुदाई कार्य की भी समीक्षा की गई। निर्माण एजेंसी ने बताया कि विश्वविद्यालय से गांधी मैदान के बीच सुरंग निर्माण का काम जारी है। यह हिस्सा परियोजना का महत्वपूर्ण खंड है, क्योंकि यह शहर के व्यस्त क्षेत्रों को जोड़ता है।

वहीं मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर स्टेशन के बीच खुदाई का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन रेलवे से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) नहीं मिलने के कारण इसे फिलहाल रोकना पड़ा है। इस पर निदेशक ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द एनओसी प्राप्त करने का निर्देश दिया है, ताकि काम में और देरी न हो।

समस्याओं पर भी हुई चर्चा

समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य में आने वाली बाधाओं और तकनीकी चुनौतियों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। भूमि अधिग्रहण, यातायात प्रबंधन, बिजली आपूर्ति और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परियोजना में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया गया कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही गुणवत्ता मानकों से किसी भी तरह का समझौता न करने पर जोर दिया गया।

शहर को मिलेगी बड़ी राहत

पटना मेट्रो परियोजना को राजधानी की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच मेट्रो सेवा से जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। मलाही पकड़ी, खेमनीचक और भूतनाथ जैसे क्षेत्रों को जोड़ने से रोजाना हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

पार्किंग सुविधा, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक स्टेशन सुविधाओं के साथ यह कॉरिडोर शहर के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। अब सबकी नजर आगामी निरीक्षण और अंतिम मंजूरी पर टिकी है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो पटना के लोग जल्द ही इस नए खंड में मेट्रो की सवारी का आनंद ले सकेंगे।

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