बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब कारोबारियों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। समस्तीपुर शहर के ताजपुर रोड स्थित प्रोफेसर कॉलोनी में नगर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी कर एक मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में शराब निर्माण सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया है और एक कार भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल अवैध शराब की सप्लाई में किया जा रहा था।

यह कार्रवाई बुधवार की शाम उस समय की गई, जब नगर थाना की टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि प्रोफेसर कॉलोनी के एक मकान में अवैध रूप से शराब बनाई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर शिव कुमार यादव ने एक विशेष टीम गठित की और बिना समय गंवाए छापेमारी की योजना बनाई। पुलिस टीम ने इलाके को घेरते हुए संदिग्ध मकान पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। मकान के भीतर शराब बनाने की पूरी व्यवस्था की गई थी। वहां भारी मात्रा में स्प्रिट, केमिकल, अर्धनिर्मित शराब, खाली बोतलें, ढक्कन, लेबल और गैस सिलेंडर मौजूद थे। इसके अलावा शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में पैकिंग सामग्री भी जब्त की, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहां तैयार शराब को बाजार में सप्लाई करने की पूरी तैयारी थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसकी पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के फतेहपुर वाला निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। पुलिस को संदेह है कि वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है और यह फैक्ट्री संगठित तरीके से संचालित की जा रही थी।
पुलिस ने मौके से एक कार भी जब्त की है। अधिकारियों के अनुसार, यह वाहन अवैध शराब की ढुलाई और सप्लाई में उपयोग किया जाता था। संभावना है कि तैयार शराब को इस कार के जरिए शहर और आसपास के इलाकों में पहुंचाया जाता था। वाहन की जांच की जा रही है और उसके कागजात भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसके मालिक और इस धंधे के बीच क्या संबंध है।
नगर थाना अध्यक्ष शिव कुमार यादव ने बताया कि पुलिस को काफी समय से इलाके में अवैध गतिविधियों की भनक मिल रही थी। हालांकि ठोस सूचना मिलने के बाद ही कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आएंगे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस मकान का वास्तविक मालिक कौन है और क्या उसे इस अवैध कारोबार की जानकारी थी।
सूत्रों के मुताबिक, प्रोफेसर कॉलोनी में स्थित यह मकान लंबे समय से किराए पर दिया गया था। पड़ोसियों को इस गतिविधि की भनक नहीं थी, क्योंकि काम ज्यादातर बंद दरवाजों के भीतर किया जाता था। शराब निर्माण का काम सुनियोजित ढंग से संचालित हो रहा था, ताकि किसी को शक न हो। लेकिन लगातार आना-जाना और संदिग्ध गतिविधियों के कारण कुछ लोगों को संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस तक सूचना पहुंची।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि तैयार शराब की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी। संभावना जताई जा रही है कि यह नेटवर्क शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों तक फैला हो सकता है। यदि ऐसा है, तो आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू है। इसके बावजूद समय-समय पर अवैध शराब निर्माण और तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कुछ लोग कानून को ठेंगा दिखाकर मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। अवैध शराब न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। अक्सर मिलावटी शराब के सेवन से लोगों की जान तक चली जाती है।
नगर पुलिस इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुट गई है। आरोपी के खिलाफ शराब निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही अन्य संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध शराब कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश है। आगे भी ऐसे गुप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। थाना अध्यक्ष ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा और इसमें शामिल अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। समस्तीपुर में इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस की सक्रियता से यह साफ संकेत मिला है कि कानून के खिलाफ चलने वाले किसी भी अवैध धंधे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







