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Katihar के कुर्सेला बाजार में भीषण अग्निकांड: 200 से अधिक दुकानें राख, करोड़ों का नुकसान

February 16, 20261 Mins Read
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कटिहार जिले के कुर्सेला इलाके से रविवार शाम एक भयावह अग्निकांड की खबर सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। कुर्सेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुर्सेला बाजार हाट में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 200 से अधिक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो जाने की आशंका जताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग शाम लगभग 7:35 बजे कुर्सेला दुर्गा मंदिर के समीप स्थित बाजार क्षेत्र में लगी। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह सामान्य आग है, जिसे जल्द ही बुझा लिया जाएगा, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग की लपटें इतनी तेज हो गईं कि पूरा बाजार धुएं और आग की लपटों से घिर गया। बाजार में लकड़ी, कपड़ा, प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।

आग लगते ही बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों से सामान निकालने की कोशिश में जुट गए। कोई गल्ला बचाने की कोशिश कर रहा था, तो कोई जरूरी कागजात और कीमती सामान समेटने में लगा था। कई दुकानदारों की आंखों के सामने उनकी वर्षों की मेहनत जलकर राख हो गई। जिन दुकानों तक आग की लपटें पहले पहुंच गईं, वहां के लोग बेबस होकर सब कुछ खाक होते देखते रहे।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग को खबर दी गई। छोटी और बड़ी कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उस पर काबू पाने में काफी समय और मशक्कत करनी पड़ी। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे रहे, लेकिन तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण लपटें बार-बार भड़क उठ रही थीं।

इस अग्निकांड में बाजार हाट की सैकड़ों दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। कपड़ा, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, जूते-चप्पल, बर्तन और अन्य सामान की दुकानें आग की चपेट में आ गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। कई दुकानदारों ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी व्यापार में लगा रखी थी, जो अब राख में तब्दील हो गई है।

आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाजार क्षेत्र के आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और स्थिति का जायजा लेने लगे। कुछ लोग राहत कार्य में भी जुटे रहे और घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की।

मौके पर स्थानीय पुलिस प्रशासन, थाना अध्यक्ष और अंचल पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और आग प्रभावित क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित रखने का प्रयास किया, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आर्थिक नुकसान बेहद गंभीर बताया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शॉर्ट सर्किट, गैस सिलेंडर लीकेज या अन्य तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाए जाने की संभावना है, जो आग के वास्तविक कारणों का पता लगाएगी। प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन शुरू कर दिया गया है, ताकि प्रभावित दुकानदारों को राहत उपलब्ध कराई जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। संकरी गलियां और एक-दूसरे से सटी दुकानें आग के तेजी से फैलने का बड़ा कारण बनीं। कई लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए फायर सेफ्टी के सख्त नियम लागू किए जाएं और बाजारों में नियमित जांच हो।

इस अग्निकांड ने कुर्सेला बाजार के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है। यह बाजार आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है। यहां सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी निर्भर करती है। आग की इस घटना ने न सिर्फ दुकानदारों, बल्कि उनके परिवारों को भी गहरे संकट में डाल दिया है।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी। राहत शिविर और अस्थायी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि जिनकी आजीविका पूरी तरह नष्ट हो गई है, उन्हें त्वरित मदद मिल सके।

फिलहाल दमकल विभाग आग पर पूरी तरह काबू पाने में जुटा है। रात देर तक आग बुझाने का अभियान जारी रहा। घटना ने पूरे इलाके को शोक और चिंता में डाल दिया है। लोगों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई और राहत उपायों पर टिकी हैं।

कुर्सेला बाजार का यह अग्निकांड लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में रहेगा—एक ऐसी त्रासदी के रूप में, जिसने कुछ ही घंटों में वर्षों की मेहनत और सपनों को राख में बदल दिया।

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