बिहार। राज्य के कई जिलों में लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बिहार के कुल 19 जिलों में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। भागलपुर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां सबौर में पारा 5.9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। वहीं, सीवान में 6.2 डिग्री, सहरसा और समस्तीपुर में 6.7 डिग्री, वैशाली में 7.2 डिग्री, सारण में 7.0 डिग्री, नालंदा में 6.6 डिग्री और नवादा में 7.3 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। पटना में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री रहा।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे में ठंड और बढ़ सकती है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर बिहार में भी दिख रहा है। शनिवार से सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिलेगा और अधिकतम तापमान में भी गिरावट की संभावना है। ठंड हवाओं के कारण दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी।
कोहरे और कम तापमान के कारण हाईवे और ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में दृश्यता सबसे कम, केवल 400 मीटर दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और देर रात सतर्क रहने की सलाह दी है। अगले सात दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है।
ठंड को देखते हुए अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं। कई जिलों में स्कूल समय बदलने या बंद करने की मांग की जा रही है। पटना में अभिभावकों ने जिलाधिकारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद करने की अपील की। हालांकि, जिलाधिकारी ने केवल समय में बदलाव करते हुए कक्षा एक से ऊपर के स्कूलों को सुबह नौ बजे से संचालित करने का आदेश दिया।
मौसम की इस स्थिति में डॉक्टरों ने भी बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। ठंड के कारण कई बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। धूप निकलने के बावजूद तापमान काफी कम है और सुबह-शाम में ठिठुरन अधिक महसूस हो रही है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद धीरे-धीरे अधिकतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। लेकिन ठंड और कोहरे के बीच सड़क और रेल यातायात में सावधानी बरतना जरूरी है।
इस बीच, राज्यभर में लोगों ने अपने-अपने स्तर पर सुरक्षा उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं। ठंड से बचाव के लिए गरम कपड़े, अलाव और हीटिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया है। वहीं, प्रशासन ने भी सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
बिहार में इस सर्दी और कोहरे ने साफ कर दिया है कि बच्चों, बुजुर्गों और गरीब वर्ग के लोगों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी आवश्यक है। अभिभावक और अधिकारी दोनों मिलकर इस मौसम में जनजीवन को सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रहे हैं।







