पटना के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया है। एक ही दिन में चांदी करीब ₹18,000 से ₹20,000 प्रति किलो तक सस्ती हो गई है। इस गिरावट के बाद निवेश के लिए बिकने वाली चांदी का भाव घटकर लगभग ₹2,52,000 प्रति किलो पहुंच गया है। लगातार बदलते रेट ने बाजार में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। ग्राहक समझ नहीं पा रहे कि मौजूदा गिरावट में खरीदारी करें या कुछ दिन और इंतजार करें।

बीते दिनों बाजार में आई गिरावट के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि अब दाम संभल सकते हैं, लेकिन अचानक आई इस नई गिरावट ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। एक समय जो चांदी ₹2,70,000 प्रति किलो के आसपास बिक रही थी, वह अब सीधे ₹2,52,000 तक आ गई है। इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों और व्यापारियों दोनों को चौंका दिया है।
चांदी के गहनों की बात करें तो हॉलमार्क आभूषण ₹247 प्रति ग्राम की दर से बिक रहे हैं। वहीं बिना हॉलमार्क वाली चांदी के गहनों का भाव लगभग ₹209 प्रति ग्राम चल रहा है। कीमत कम होने के बावजूद बाजार में रौनक नहीं लौट पाई है। दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक दुकान पर आकर रेट पूछ रहे हैं, लेकिन खरीदारी करने से बच रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं कीमतें और नीचे न चली जाएं।
दूसरी ओर सोने के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। 22 कैरेट सोना ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है, जबकि 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी ₹1,17,400 प्रति 10 ग्राम की दर से उपलब्ध है। सोने की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे बाजार में संतुलन की स्थिति दिख रही है, लेकिन चांदी की अस्थिरता सबका ध्यान खींच रही है।
सर्राफा व्यापारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है। डॉलर की स्थिति, वैश्विक आर्थिक संकेत और कमोडिटी मार्केट की चाल के कारण चांदी की कीमतों में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि दाम एक दिन ऊपर तो दूसरे दिन नीचे हो रहे हैं।
हालांकि कुछ लोग इस गिरावट को अच्छा अवसर मान रहे हैं और धीरे-धीरे खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या सीमित है। ज्यादातर ग्राहक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करना बेहतर रहेगा। निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक धैर्य रखने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर, पटना में चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने बाजार का माहौल बदल दिया है। जहां दाम कम हुए हैं, वहीं खरीदारी की रफ्तार अभी धीमी है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी कि क्या कीमतों में स्थिरता आएगी या फिर उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा।







