बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां तीन बच्चों की मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला ने मौत से एक रात पहले अपने मायके फोन कर आशंका जताई थी कि “मुझे मार देंगे… सुबह आना।” लेकिन जब परिजन सुबह पहुंचे, तो घर में उसकी लाश पड़ी थी। घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।

राघोपुर थाना क्षेत्र की घटना
यह मामला राघोपुर थाना क्षेत्र के राम विशनपुर वार्ड संख्या 7 का है। यहां 35 वर्षीय कौशल्या देवी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। कौशल्या देवी की शादी करीब दस वर्ष पूर्व देवीपुर कोरियापट्टी वार्ड 5 निवासी सुंदर मुखिया से हुई थी। उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र अभी काफी कम है। मां की अचानक मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
आखिरी कॉल बनी रहस्य की कड़ी
परिजनों के मुताबिक, घटना से एक रात पहले कौशल्या देवी ने अपने भाई शंकर मुखिया को फोन किया था। फोन पर उन्होंने घबराए स्वर में कहा था कि “ये लोग मुझे मार देंगे… सुबह जल्दी आना।” यह बात सुनकर मायके वालों को चिंता हुई, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह इतनी भयावह खबर मिलेगी।
सुबह करीब छह बजे परिजनों को सूचना मिली कि कौशल्या की मौत हो गई है। जब वे ससुराल पहुंचे, तो घर के अंदर उसका शव पड़ा मिला। गले पर चोट और दबाव के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। पास में रस्सी और बेल्ट भी पड़ी थी। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद घर में अगरबत्ती जलाई गई थी, जिससे शक और गहरा गया।
ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप
मृतका के भाई शंकर मुखिया ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन को शादी के बाद से ही प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने मृतका के पति, सास, जेठ और अन्य ससुराल वालों पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बहन अक्सर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की बात करती थी।
परिजनों का दावा है कि यदि यह आत्महत्या होती, तो ससुराल वाले मौके पर मौजूद रहते और पुलिस को तुरंत सूचना देते। लेकिन घटना के बाद सभी घर छोड़कर फरार हो गए, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत हो गई है।
गांव में पसरा मातम और आक्रोश
कौशल्या देवी की मौत से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि महिला शांत स्वभाव की थी और बच्चों की परवरिश में लगी रहती थी। तीन मासूम बच्चों का भविष्य अब अनिश्चित हो गया है। गांव की महिलाएं इस घटना को लेकर बेहद दुखी हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते महिला की शिकायत पर ध्यान दिया जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित हस्तक्षेप की व्यवस्था होनी चाहिए।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही राघोपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं—हत्या, आत्महत्या या अन्य कारणों—से मामले की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
सवालों के घेरे में कई पहलू
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि महिला ने पहले ही अपनी जान को खतरा बताया था, तो क्या उसे बचाया जा सकता था? क्या परिवार में लंबे समय से कोई विवाद चल रहा था? क्या यह घरेलू हिंसा का मामला है? इन सभी बिंदुओं पर पुलिस गहन जांच कर रही है।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग अचानक क्यों गायब हो गए। यदि वे निर्दोष हैं, तो फरार होने की क्या वजह थी? पुलिस का मानना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
बच्चों का भविष्य चिंता का विषय
इस पूरे मामले में सबसे दुखद पहलू तीन मासूम बच्चों की स्थिति है। मां की मौत के बाद वे असहाय हो गए हैं। गांव के लोग और रिश्तेदार बच्चों की देखभाल को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन से भी मांग की जा रही है कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
न्याय की मांग
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह हत्या है, तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए।
फिलहाल पूरे इलाके की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है। सच्चाई जो भी हो, लेकिन एक परिवार उजड़ चुका है और तीन बच्चों के सिर से मां का साया उठ चुका है। यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है।
पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और गहन तरीके से की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस रहस्यमयी मौत की असली कहानी क्या सामने आती है।







