पटना। दीघा थाना क्षेत्र में 3 अगस्त 2024 को हुए अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी दीपू कुमार उर्फ भोंदा को आखिरकार पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक, दीपू ने समस्तीपुर निवासी देवराज सिंह उर्फ जॉनी का अपहरण कर उसकी हत्या की थी। गिरफ्तार किए गए आरोपी को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद शनिवार को जेल भेज दिया गया।

दीघा थानेदार ने बताया कि यह मामला करीब डेढ़ साल पुराना है। घटना के समय मृतक देवराज अपने ननिहाल समस्तीपुर में रहने के साथ-साथ कभी-कभी दीघा में अपने बहनोई सुजित कुमार के घर भी रहता था। देवराज स्थानीय एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। 5 अगस्त 2024 को जब वह घर वापस नहीं लौटा, तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
दो दिन बाद, यानी 7 अगस्त 2024 को देवराज का शव पुलिस ने बरामद किया। शव की हालत देखकर स्पष्ट था कि उसे गोली मारकर हत्या की गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। स्थानीय लोग अभी भी इस घटना की भयावहता को याद कर सकते हैं।
पुलिस की जांच और विशेष टीम का गठन
इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बड़े अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने घटनास्थल, मृतक के संपर्क, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी माध्यमों से सबूत जुटाने शुरू किए।
टीम ने घटनाक्रम का विश्लेषण करते हुए यह स्पष्ट किया कि देवराज का अपहरण पहले से योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। पुलिस ने मामले में संदिग्धों की पहचान की और चरणबद्ध कार्रवाई शुरू की। शुरुआती जांच में ही चार आरोपियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया और जेल भेजा गया। इस गिरफ्तारी ने मामले की दिशा स्पष्ट की, लेकिन मुख्य आरोपी दीपू कुमार लंबे समय तक फरार रहा।
दीपू कुमार की गिरफ्तारी
23 जनवरी 2026 को पुलिस को दीपू कुमार के ठिकाने की जानकारी मिली। दीघा पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए विशेष दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या में शामिल अपने साथी और योजना के बारे में कुछ अहम जानकारियां दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दीपू कुमार की गिरफ्तारी के बाद केस के बाकी पहलुओं पर भी उजाला होगा।
थानेदार ने बताया कि दीपू कुमार रामजीचक का रहने वाला है और इस पूरे मामले में वह प्रमुख भूमिका निभा रहा था। आरोपी ने हत्या के समय देवराज को पकड़कर मार डाला था। पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी के बाद बाकी आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंच सकते हैं।
मृतक और परिवार की कहानी
मृतक देवराज सिंह की कहानी भी अपने आप में दुखद है। नोएडा का रहने वाला देवराज परिवार से दूर काम करने आया था और अपनी नौकरी से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। दीघा और समस्तीपुर में रहकर वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाता था। लेकिन अचानक उसकी हत्या ने परिवार को हिलाकर रख दिया।
मृतक के परिवार का कहना है कि घटना के बाद से उनका जीवन अधूरा सा लग रहा है। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और उम्मीद जताई कि सभी आरोपी जल्द न्याय के कटघरे में खड़े होंगे।
पुलिस की सफलता और अगली कार्रवाई
दीघा थाना के अधिकारियों के मुताबिक, दीपू कुमार की गिरफ्तारी पुलिस की लंबी और सतत जांच का परिणाम है। पुलिस ने कहा कि यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपहरण और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ उनका संदेश भी है कि अपराध को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेष जांच टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों का सहारा लेकर आरोपी तक पहुंचने में सफलता पाई। टीम ने स्थानीय लोगों और मृतक के संपर्क में आए लोगों से भी जानकारी जुटाई। इस जानकारी से पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले और दीपू कुमार तक पहुँचने में मदद मिली।
थानेदार ने बताया कि इस केस में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चार पहले ही सलाखों के पीछे थे, जबकि अब दीपू कुमार भी जेल पहुंच गया है। पुलिस का मानना है कि बाकी संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।







