होली से पहले अवैध शराब कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष अभियान के तहत जिले में की गई ताबड़तोड़ छापेमारी में करीब 70 लाख रुपये से अधिक मूल्य की विदेशी शराब बरामद की गई। पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल एक ट्रक और तीन पिकअप वैन को भी जब्त किया है। बरामद शराब की मात्रा लगभग चार हजार लीटर बताई जा रही है, जिसे त्योहार से पहले बाजार में खपाने की तैयारी थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के समय अवैध शराब की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए पूरे जिले में निगरानी बढ़ाई गई थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया, जिसका नतीजा यह बड़ी बरामदगी रही।
🚨 विशेष अभियान में मिली बड़ी सफलता
जिले में अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत लगातार संदिग्ध वाहनों की जांच, ग्रामीण मार्गों की निगरानी और गुप्त सूचनाओं पर कार्रवाई की जा रही थी। इसी क्रम में गरहा थाना क्षेत्र के पटियासा इलाके में पुलिस को सूचना मिली कि एक ट्रक में बड़ी मात्रा में शराब लाई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी और संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी जांच शुरू की। पहली नजर में ट्रक पूरी तरह प्याज से लदा दिखाई दे रहा था, लेकिन पुलिस को संदेह हुआ। जब बोरियों को हटाकर गहन जांच की गई तो नीचे छिपाकर रखे गए शराब के कार्टन सामने आ गए।
ट्रक से कुल 535 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, शराब को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य जांच में उसका पता लगाना मुश्किल हो। यही नहीं, शराब को उतारने के लिए पहले से तीन पिकअप वैन भी मंगाई गई थीं, जिन्हें मौके से जब्त कर लिया गया।
🧅 प्याज की बोरियों के नीचे छिपा था पूरा जखीरा
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने शराब की खेप को छिपाने के लिए बेहद सोची-समझी रणनीति अपनाई थी। ट्रक के अंदर पहले शराब के कार्टन रखे गए, फिर उनके ऊपर प्याज की बोरियां लाद दी गईं ताकि जांच के दौरान यह सामान्य सब्जी से भरा वाहन लगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अक्सर फल-सब्जी, अनाज या भूसे की आड़ लेकर शराब की तस्करी करते हैं, क्योंकि ऐसे वाहनों की तलाशी कम होती है। हालांकि इस बार पुलिस की सतर्कता से उनकी योजना नाकाम हो गई।
मौके से कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई और किन इलाकों में सप्लाई होनी थी।
🌾 भूसे की आड़ में दूसरी खेप भी पकड़ी गई
इसी अभियान के दौरान पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली। मनियारी थाना क्षेत्र में ग्रामीण मार्ग से गुजर रही एक पिकअप वैन को रोककर जांच की गई। वाहन में ऊपर से धान का भूसा भरा हुआ था, लेकिन जब भूसा हटाया गया तो नीचे शराब की पेटियां बरामद हुईं।
इस वाहन से लगभग 1225 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह खेप ग्रामीण रास्तों से होकर वैशाली जिले की ओर ले जाई जा रही थी, ताकि मुख्य मार्गों पर पुलिस जांच से बचा जा सके।
पुलिस को देखते ही चालक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। वाहन समेत शराब जब्त कर ली गई और आरोपी से पूछताछ जारी है।
🚛 चार हजार लीटर शराब जब्त
पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहीं एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा ने बताया कि होली को देखते हुए जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गुप्त सूचना के आधार पर बसवारी इलाके के पास की गई कार्रवाई में एक ट्रक और तीन पिकअप वैन के साथ भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई।
उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर लगभग चार हजार लीटर शराब जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत 70 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस का मानना है कि यह खेप त्योहार के दौरान खपाने के लिए लाई जा रही थी।
📜 एफआईआर दर्ज, नेटवर्क की तलाश जारी
इस मामले में पुलिस ने अहियापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि शराब कहां से लाई गई, इसके पीछे कौन-सा गिरोह सक्रिय है और किन लोगों तक इसकी सप्लाई होनी थी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार दूसरे जिलों या राज्यों से जुड़े हुए हैं। मोबाइल फोन, वाहन नंबर और संदिग्धों की पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
🎯 त्योहारों पर क्यों बढ़ जाती है तस्करी?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान अवैध शराब की मांग अचानक बढ़ जाती है। यही वजह है कि तस्कर इस समय बड़े पैमाने पर खेप भेजने की कोशिश करते हैं







