बिहार में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी जांच तेज कर दी है। गुरुवार को जांच टीम एक बार फिर जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र स्थित इस्माइलपुर गांव पहुंची, जहां छात्रा के मामा से विस्तार से पूछताछ की गई। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जांच के दौरान मामा ने बताया कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी और इलाज की व्यवस्था भी करवाई थी। साथ ही उन्होंने छात्रा के हॉस्टल में रखे सामान को घर लाने की अनुमति मांगे जाने की बात भी जांच टीम को बताई। एजेंसी इस पूरे घटनाक्रम की समयरेखा को स्पष्ट करने के लिए अलग-अलग लोगों से पूछताछ कर रही है और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटा रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हाल ही में परिजनों को धमकी भरे संदेश मिलने की सूचना के बाद स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। घर के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
इससे पहले जांच एजेंसी छात्रा के पैतृक गांव में माता-पिता और भाई से भी लंबी पूछताछ कर चुकी है। जांच के दौरान भाई का मोबाइल फोन जब्त कर उसे तकनीकी जांच के लिए पटना ले जाया गया था। सूत्रों के अनुसार डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है, जिससे घटना के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।
जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि मामले के हर पहलू—चिकित्सीय रिपोर्ट, हॉस्टल रिकॉर्ड, पारिवारिक बयान और संभावित दबाव या धमकी—की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और सच्चाई सामने आने तक कार्रवाई जारी रहेगी।







