राज्य में सड़कों पर तेज आवाज में संगीत बजाने वाली मॉडिफाइड डीजे गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में जानकारी देते हुए कहा कि अगले करीब पंद्रह दिनों के भीतर पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान ऐसे वाहनों की पहचान की जाएगी जिनमें नियमों के विरुद्ध बदलाव किए गए हैं या जिनका पंजीकरण छिपाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर प्रतिबंध, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पिछले कुछ समय से राज्य के कई इलाकों में ऐसे वाहन देखे जा रहे हैं जिन्हें डीजे वाहन के रूप में बदल दिया गया है। ये गाड़ियां सड़क पर तेज आवाज में संगीत बजाते हुए चलती हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है और कई बार सड़क सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। बढ़ते शोर और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार ने इस पर नियंत्रण जरूरी माना है।
यह मुद्दा बिहार विधान परिषद में भी उठा, जहां एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी ने सरकार से पूछा कि ऐसे वाहनों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, जिनमें अवैध मॉडिफिकेशन कर नंबर प्लेट तक छिपा दी जाती है और तेज ध्वनि में डीजे बजाया जाता है।
जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिवहन विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। जल्द शुरू होने वाले अभियान में ऐसे सभी वाहनों की जांच होगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उनका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। साथ ही दोषियों पर जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, शोर प्रदूषण पर नियंत्रण मिलेगा और नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा।







