बिहार के शिवहर जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। श्यामपुर भट्ठहां थाना क्षेत्र के नयागांव–फेनहारा मार्ग पर तेज रफ्तार और असंतुलन के कारण एक बाइक सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक चला रहे 14 वर्षीय किशोर अनमोल कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार तीन अन्य किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए।

यह दुर्घटना उस समय हुई जब चारों किशोर एक ही बाइक पर सवार होकर खेत की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक तेज गति में थी और अचानक संतुलन बिगड़ने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। देखते ही देखते बाइक सीधे सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सभी किशोर दूर जा गिरे और आसपास मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
मृतक की पहचान अनमोल कुमार के रूप में हुई है, जो नयागांव पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या 2 का रहने वाला था। वह स्वर्गीय राजेश राम का पुत्र था। स्थानीय लोगों ने बताया कि अनमोल के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और वह अपने दादा-दादी के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। सभी घायलों को पहले शिवहर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर कर दिया।
घायलों में 12 वर्षीय आशिक कुमार उर्फ बालवीर को अधिक चोटें आने के कारण सीतामढ़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 12 वर्षीय आशीष कुमार को बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में भेजा गया। तीसरे घायल 14 वर्षीय साहिल कुमार का उपचार फिलहाल शिवहर के एक निजी अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उधर, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, कम उम्र में वाहन चलाना और एक बाइक पर चार लोगों का सवार होना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, क्योंकि ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में अक्सर किशोर बिना लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों के वाहन चलाते देखे जाते हैं, लेकिन इस पर पर्याप्त रोक नहीं लग पाती। उनका मानना है कि प्रशासन को सख्ती बढ़ानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। तेज रफ्तार, नाबालिग ड्राइविंग और सुरक्षा नियमों की अनदेखी न केवल चालक बल्कि साथ बैठे लोगों की जान को भी खतरे में डाल देती है। जरूरत है कि अभिभावक, समाज और प्रशासन मिलकर सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ाएं, ताकि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।







