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जमुई में वाहन जांच के दौरान ट्रैक्टर चालक की मौत पर बवाल, परिवहन कर्मियों पर मारपीट का आरोप; ग्रामीणों ने सरकारी वाहन किया क्षतिग्रस्त

February 18, 20261 Mins Read
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बिहार के जमुई जिले में वाहन जांच के दौरान एक ट्रैक्टर चालक की मौत के बाद मंगलवार को तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। चालक की मौत को लेकर परिजनों ने परिवहन विभाग के कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि घटना से नाराज ग्रामीणों ने सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

मामले ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है और प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है। फिलहाल पुलिस और स्थानीय अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए हैं।

वाहन जांच के दौरान हुआ घटनाक्रम

प्राप्त जानकारी के अनुसार चौडीहा गांव के निवासी उदय यादव ईंट लदे ट्रैक्टर से नर्वदा गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान परिवहन विभाग की टीम ने उन्हें नियमित वाहन जांच के लिए रोका।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक ने ट्रैक्टर आगे बढ़ाने की कोशिश की, जिसके बाद टीम ने उसका पीछा किया। कुछ दूरी पर नर्वदा गांव के बीच ट्रैक्टर को रोक लिया गया। इसके बाद जो हुआ, वही विवाद का कारण बन गया।

परिजनों के आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि जांच टीम में मौजूद कर्मियों ने चालक के साथ मारपीट की। उनका कहना है कि इस मारपीट के कारण चालक की हालत बिगड़ गई।

परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद परिवहन विभाग की महिला अधिकारी और अन्य कर्मचारियों ने कथित तौर पर चालक को पीटा, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

ग्रामीणों के अनुसार, जब चालक की तबीयत बिगड़ी तो स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश

चालक की मौत की खबर गांव में फैलते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर जुट गए।

गुस्साए लोगों ने परिवहन विभाग के सरकारी वाहन को घेर लिया और उस पर ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इस दौरान हंगामे की सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन उसे भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।

हालांकि बाद में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।

अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। परिवहन विभाग के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

उपमंडल अधिकारी ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

स्थानीय प्रतिनिधि का आरोप

चौडीहा पंचायत के मुखिया ने भी इस घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों पर पहले भी ट्रैक्टर चालकों से अवैध वसूली के आरोप लगते रहे हैं।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चालक की मौत चोटों के कारण हुई या किसी अन्य वजह से।

इलाके में तनाव, प्रशासन सतर्क

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

स्थानीय लोगों और मृतक के परिवार की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

यह घटना एक बार फिर वाहन जांच के दौरान होने वाले विवादों और प्रशासनिक कार्रवाई के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर रही है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सके कि चालक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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