बिहार के शिवहर–सीतामढ़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार सुबह एक बेहद दुखद सड़क हादसा सामने आया, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। जीवन बचाने के लिए दौड़ने वाली एंबुलेंस ही इस बार जानलेवा साबित हुई, जब कथित तौर पर नशे में वाहन चला रहे चालक ने सड़क किनारे खड़ी एक वृद्ध महिला को टक्कर मार दी। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
घटना शिवहर से देकुली धाम की ओर जा रही सरकारी एंबुलेंस के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार, 102 सेवा की एंबुलेंस ड्यूटी पर थी और सुबह-सुबह तेज रफ्तार में राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रही थी। इसी दौरान रसीदपुर वार्ड नंबर चार की रहने वाली करीब 60 वर्षीय हृदय देवी सड़क किनारे खड़ी थीं। संतुलन बिगड़ने के कारण एंबुलेंस सीधे उन्हें टक्कर मार बैठी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल छा गया।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने चालक को घेर लिया और नाराजगी जताई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और हालात को संभालते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एंबुलेंस तेज गति में थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब चालक सुभाष चंद्र सिंह, जो अंबा का निवासी बताया जा रहा है, ने खुद स्वीकार किया कि उसने शराब पी रखी थी। इस खुलासे के बाद लोगों में और रोष फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मियों को अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए, क्योंकि उनके हाथों में लोगों की जान होती है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और मेडिकल जांच व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यदि चालक की लापरवाही और नशे की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, सरकारी सेवाओं में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एंबुलेंस चालकों की नियमित जांच और सख्त निगरानी की व्यवस्था की जाए।








