बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथों में है। राज्य सरकार की आलोचना और विपक्ष के लगातार दबाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी थी। अब एजेंसी ने जांच को तेज करते हुए हॉस्टल से लेकर अस्पताल तक हर कड़ी को खंगालना शुरू कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की एक टीम शनिवार को उस गर्ल्स हॉस्टल पहुंची, जहां छात्रा रहती थी। अधिकारियों ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को विस्तार से देखा और छात्रा के कमरे सहित हॉस्टल परिसर का निरीक्षण किया। टीम ने हॉस्टल स्टाफ से भी पूछताछ कर छात्रा की दिनचर्या, स्वास्थ्य स्थिति और घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
हॉस्टल से निकलने के बाद जांच दल उन दोनों अस्पतालों में भी पहुंचा, जहां छात्रा को इलाज के लिए ले जाया गया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा तैयार मेडिकल रिपोर्ट, भर्ती से लेकर इलाज तक के दस्तावेज और पहले बनी एसआईटी रिपोर्ट की भी बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे समय पर और सही इलाज मिला या नहीं।
मूल रूप से जहानाबाद की रहने वाली छात्रा 6 जनवरी को चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोशी की हालत में पाई गई थी। सहपाठियों की मदद से हॉस्टल कर्मियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्रा की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन किया था। हालात तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। इसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसे बड़ा मुद्दा बना दिया।
राजनीतिक दबाव बढ़ने पर सरकार ने 31 जनवरी को केस सीबीआई को सौंप दिया। अब एजेंसी हर पहलू—मेडिकल लापरवाही, हॉस्टल प्रबंधन, समय पर उपचार और अन्य संभावित कारणों—की जांच कर रही है।
हालांकि जांच अब केंद्रीय एजेंसी के पास है, लेकिन राजनीतिक बयानबाज़ी थमी नहीं है। विपक्ष सरकार पर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए ही मामला सीबीआई को सौंपा गया।
फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस जांच पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि सीबीआई की जांच से छात्रा की मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएंगे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकेगी।







