पटना: बिहार की राजधानी में छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। फुलवारीशरीफ क्षेत्र में चौथी मंजिल से गिरकर छात्रा की मौत के बाद वाम दलों ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे पर शुक्रवार को राजधानी में प्रदर्शन हुआ, जिससे कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

वामपंथी दलों के कार्यकर्ता, स्थानीय लोग, छात्र-युवा और महिला संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में एकत्र हुए और पटना के एम्स गोलंबर के पास धरना देकर विरोध जताया। सड़क जाम के कारण करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
दरिंदगी के बाद हत्या का आरोप
वाम दल से जुड़े नेताओं ने छात्रा की मौत को हादसा मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि यह मामला दरिंदगी के बाद सुनियोजित हत्या का है। उनका कहना है कि छात्रा के साथ अपराध करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंका गया।
पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि घटना के बाद प्रशासनिक संवेदनशीलता नहीं दिखी और अब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है और गरीब परिवारों की बेटियां असुरक्षित हैं।
उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन अपराध पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
जांच और गिरफ्तारी की मांग
वाम दलों के नेताओं, जिनमें भाकपा माले के स्थानीय पदाधिकारी भी शामिल थे, ने मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे फुलवारी क्षेत्र में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा और इसे राज्यव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा।
पुलिस का पक्ष
वहीं बिहार पुलिस का कहना है कि मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार चार लोगों से पूछताछ चल रही है और कुछ अन्य संदिग्धों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष होगी और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस घटना के साथ ही राज्य में हाल की अन्य अपराध घटनाओं को जोड़कर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विधानसभा से लेकर सड़कों तक कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज हो सकता है।







