दरभंगा जिले में साइबर पुलिस ने महिला उत्पीड़न के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। अपनी पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में फरार चल रहे आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। करीब एक वर्ष से पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहे आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा गया।
साइबर थाना कांड संख्या 38/25 में गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर थाना कांड संख्या 38/25 के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित कुमार झा के रूप में हुई है, जो मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के मानपुर गांव का निवासी है। उसके खिलाफ दरभंगा साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की शिकायत उसकी पत्नी अर्चना देवी ने दर्ज कराई थी। आरोप है कि आरोपी ने वैवाहिक संबंधों के दौरान निजी तौर पर ली गई तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। इतना ही नहीं, वह अन्य महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो भी आपत्तिजनक तरीके से साझा करता था।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली पुष्टि
शिकायत मिलने के बाद साइबर डीएसपी विपिन बिहारी के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों की जांच की, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई। तकनीकी विश्लेषण और सोशल मीडिया ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था और पिछले लगभग एक वर्ष से मुंबई में छिपकर रह रहा था। हाल ही में उसके अपने गांव आने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी की जाएगी।
साइबर अपराध पर सख्त रुख
साइबर अपर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी आईडी बनाकर बदनाम करने या निजी सामग्री वायरल करने जैसे मामलों में पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है।
साइबर डीएसपी विपिन बिहारी ने भी लोगों से अपील की कि यदि उनके साथ इस प्रकार की घटना होती है तो वे मानसिक दबाव में न आएं और तुरंत संबंधित थाना या साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचना अब आसान हो गया है, चाहे वे किसी भी शहर या राज्य में छिपे हों।
पीड़ितों के लिए संदेश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा की गई निजी सामग्री को हटाने और अपराधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध है। पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जाती है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाती है।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि निजी रिश्तों में विश्वास का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया के जरिए बदनामी फैलाना गंभीर अपराध है। कानून ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त है और दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है।
दरभंगा साइबर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने दोहराया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।








