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पटना

बिहार को मत्स्य उत्पादन में शीर्ष पर लाने की कवायद तेज, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया अत्याधुनिक मत्स्य विकास भवन का निरीक्षण

February 10, 20261 Mins Read
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पटना।

बिहार को देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों की कतार में सबसे आगे लाने की दिशा में राज्य सरकार ने कमर कस ली है। इसी लक्ष्य को गति देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मीठापुर स्थित नवनिर्मित मत्स्य विकास भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण को राज्य में मछली पालन को वैज्ञानिक आधार पर मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार के किसान स्वयं उन्नत तकनीकों से मछली उत्पादन कर सकें और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो।

अत्याधुनिक भवन में किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक प्रशिक्षण

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मत्स्य निदेशालय के अंतर्गत इस आधुनिक मत्स्य विकास भवन का निर्माण कराया गया है। यहां बिहार के सभी 38 जिलों से आने वाले किसानों को वैज्ञानिक और उन्नत मत्स्य पालन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक साथ करीब 120 किसानों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे बड़े पैमाने पर दक्ष मत्स्य पालक तैयार किए जा सकेंगे।

भवन में मछली पालन से जुड़े अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीकी विकास के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं भी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण के लिए आने वाले किसानों के ठहरने हेतु छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

54 करोड़ से अधिक की लागत, 2.43 एकड़ में फैला आधुनिक केंद्र

करीब 54.39 करोड़ रुपये की लागत से 2.43 एकड़ भूमि पर निर्मित यह मत्स्य विकास भवन राज्य में मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है। यहां न केवल प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि मछली उत्पादन से जुड़ी नई तकनीकों और शोध कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे बिहार के जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रथम तल पर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल, निदेशक कक्ष और वर्क स्टेशन का अवलोकन किया। इसके बाद वे चतुर्थ तल पर पहुंचे और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मत्स्य एवं पशुपालन विभाग को शीघ्र इस नए भवन में स्थानांतरित किया जाए।

उन्होंने भवन के प्रत्येक तल पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप पर्याप्त ऊंचाई की रेलिंग सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। साथ ही कहा कि यहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।

कृषि रोड मैप से बढ़ी किसानों की आय

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन सहित सभी संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। कृषि रोड मैप के प्रभाव से राज्य में सब्जी, दूध, अंडा, मांस, फल और अन्य कृषि उत्पादों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला है।

इसी कड़ी में अब मत्स्य पालन को भी एक मजबूत आजीविका विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार मछली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने और राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, मत्स्य निदेशक तुषार सिंग्ला, पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., पटना एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बिहार के किसानों के लिए नई उम्मीद

मत्स्य विकास भवन के माध्यम से राज्य के हजारों किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और शोध का लाभ मिलेगा। इससे न केवल मछली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के साथ ही यह साफ संकेत मिल गया है कि बिहार सरकार मत्स्य पालन को विकास का नया इंजन बनाने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है।

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