बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बेनीबाद थाना क्षेत्र के शिवदाहा गांव में छह दिनों से लापता पांच वर्षीय बच्चे मो. अयान का शव गांव के ही एक पोखर से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मासूम का शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पुलिस ने पूरे मामले में हत्या की आशंका जताते हुए जांच शुरू कर दी है।

घर के पास ही मिला शव, ग्रामीणों में दहशत
सोमवार को गांव के एक पोखर से बदबू आने की सूचना पर लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पोखर से एक बच्चे का शव बरामद किया, जिसकी पहचान छह दिन से लापता मो. अयान के रूप में हुई। यह पोखर बच्चे के घर से ज्यादा दूर नहीं है, जिससे ग्रामीणों के बीच भय और आक्रोश दोनों का माहौल है।
टॉफी लेने निकला था अयान, फिर नहीं लौटा
मृतक की मां और आंगनबाड़ी सेविका शहनाज प्रवीण ने बताया कि 2 फरवरी को दोपहर करीब ढाई बजे अयान घर से टॉफी लेने के लिए निकला था। कुछ देर बाद वह वापस आया भी, लेकिन इसी दौरान परिवार के लोग घरेलू कामों में व्यस्त हो गए।
जब थोड़ी देर बाद बच्चे को आवाज दी गई तो वह घर में नहीं मिला। पहले परिजनों ने आसपास तलाश की, फिर गांव में खोजबीन शुरू हुई, लेकिन अयान का कोई पता नहीं चला। इसके बाद थक-हारकर परिजनों ने बेनीबाद थाना में उसके लापता होने की सूचना दी।
छह दिन तक तलाश, अब सामने आई दर्दनाक सच्चाई
पुलिस और परिजन लगातार बच्चे की तलाश कर रहे थे। इसी बीच सोमवार को पोखर से शव मिलने की खबर ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। जैसे ही पहचान की पुष्टि हुई, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम नजर आई।
पुलिस बोली— हर एंगल से हो रही जांच
बेनीबाद थाना प्रभारी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि बच्चे की मौत दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी साजिश और अपराध की भूमिका है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव वालों का कहना है कि यदि समय रहते कुछ सुराग मिल जाता, तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल पूरे शिवदाहा गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है और सभी की निगाहें अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस मासूम की मौत का सच सामने आ सके।







