पूर्णिया के चर्चित सूरज बिहारी हत्याकांड में पुलिस ने फरार अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया है। माननीय न्यायालय से कुर्की के आदेश मिलने के बाद मरंगा थाना पुलिस ने बुधवार को बड़े पैमाने पर अभियान चलाते हुए सात फरार आरोपियों के घरों पर इश्तहार चस्पा किया। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि तय समयसीमा में आत्मसमर्पण नहीं करने पर कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ यह कार्रवाई मरंगा थाना क्षेत्र की बसंत विहार कॉलोनी में की गई। कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस जब आरोपियों के आवास पर पहुंची, तो ढोल-नगाड़े बजाकर पूरे मोहल्ले को सूचित किया गया। इसका उद्देश्य न केवल विधिक औपचारिकता पूरी करना था, बल्कि फरार अभियुक्तों पर सामाजिक और कानूनी दबाव बनाना भी था।
इश्तहार में स्पष्ट चेतावनी
पुलिस द्वारा लगाए गए इश्तहार में फरार आरोपियों को स्पष्ट रूप से चेताया गया है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करें। तय समयसीमा बीतने के बाद उनके मकानों और संपत्तियों पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कानून के तहत अंतिम चेतावनी की तरह है।
क्यों अहम है यह मामला
सूरज बिहारी हत्याकांड ने पूरे पूर्णिया जिले में सनसनी फैला दी थी। सदर थाना क्षेत्र के चौहन टोला (वार्ड-38) निवासी जवाहर यादव के पुत्र सूरज बिहारी की बसंत विहार कॉलोनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
अब तक की जांच में क्या सामने आया
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य इनपुट के आधार पर पुलिस ने 29 जनवरी को STF की मदद से एक आरोपी विशाल कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक देशी कट्टा और तीन मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियार और वाहन हत्याकांड से सीधे जुड़े हुए हैं।
हालांकि, इस मामले में सात आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इन्हीं फरार अभियुक्तों के घरों पर बुधवार को इश्तहार चस्पा किए गए।
इन आरोपियों पर कसा शिकंजा
पुलिस द्वारा जिन सात फरार अभियुक्तों के घरों पर इश्तहार लगाए गए हैं, उनमें—
ब्रजेश सिंह
राज सिंह उर्फ नंदू सिंह (पिता: स्व. पुरुषोत्तम सिंह)
स्नेहिल झा उर्फ स्नेहिल ठाकुर
आदित्य ठाकुर (पिता: अभिनंदन ठाकुर)
अमन सिंह (पिता: स्व. युगल किशोर सिंह)
रजनीश सिंह (पिता: पुष्कर सिंह)
एयशु उर्फ अंशु सिंह (पिता: संजीव कुमार सिंह)
शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि सभी के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं और गिरफ्तारी सिर्फ समय की बात है।
कुर्की-जब्ती की तैयारी
मरंगा थानाध्यक्ष कौशल कुमार ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। यदि इश्तहार की अवधि समाप्त होने तक कोई भी आरोपी सामने नहीं आता, तो उनके घरों और संपत्तियों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही पुलिस इस मामले में जल्द ही न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
इलाके में बढ़ा दबाव, अपराधियों में हड़कंप
पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद बसंत विहार कॉलोनी और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ढोल-नगाड़ों के साथ की गई इस कार्रवाई से फरार अभियुक्तों और उनके सहयोगियों में डर साफ नजर आ रहा है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से आरोपी जल्द ही आत्मसमर्पण करने को मजबूर होंगे।
पुलिस का स्पष्ट संदेश
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सूरज बिहारी हत्याकांड में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। कानून से भागने वालों के लिए अब रास्ते बंद किए जा रहे हैं। या तो आरोपी खुद सामने आएं, या फिर कानून उन्हें जबरन घसीटकर लाएगा।
इस कार्रवाई के साथ ही पूर्णिया पुलिस ने यह संकेत दे दिया है कि गंभीर अपराधों में फरारी अब कोई विकल्प नहीं रह गई है।







