बिहार के पूर्णिया जिले से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। अमौर थाना परिसर स्थित गार्ड आवास में तैनात एक हवलदार का खून से सना शव मिलने से सनसनी फैल गई। हवलदार के गले में गोली लगने के निशान मिले हैं और गोली शरीर के आर-पार निकल गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना से महज दो घंटे पहले ही हवलदार ने अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी और तब तक किसी भी तरह की परेशानी के संकेत नहीं मिले थे।

मृतक की पहचान गया जिले के निवासी 40 वर्षीय आलमनाथ भूइयां के रूप में हुई है, जो वर्तमान में अमौर थाना परिसर में पदस्थापित थे। बुधवार सुबह करीब 10 बजे यह मामला उस वक्त सामने आया, जब थाना कैंटीन का रसोइया रोज की तरह उनका खाना देने उनके आवास पर पहुंचा।
दरवाजा खुला था, अंदर का नजारा देख कांप उठा रसोइया
जानकारी के अनुसार, जब रसोइया गार्ड आवास के कमरे के पास पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद नहीं था। उसने जैसे ही दरवाजा खोला, अंदर का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया। हवलदार आलमनाथ भूइयां जमीन पर पड़े हुए थे और चारों ओर खून फैला था। उनके गले में गोली लगने का गहरा जख्म साफ नजर आ रहा था। गोली इतनी नजदीक से मारी गई थी कि वह गले के आर-पार निकल गई।
घबराए रसोइए ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद थाने में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अमौर थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
थाना परिसर में मौत से मचा हड़कंप
थाना परिसर के भीतर ही एक पुलिसकर्मी की इस तरह मौत होना पूरे पुलिस महकमे के लिए गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पूरे थाना परिसर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हवलदार आलमनाथ भूइयां ने सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। उस बातचीत में किसी तरह की चिंता, तनाव या असामान्य बात सामने नहीं आई थी। ऐसे में सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच क्या हुआ, यह अब भी रहस्य बना हुआ है।
आत्महत्या या साजिश? जांच के घेरे में मामला
फिलहाल पुलिस किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया है। टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही हथियार, कारतूस और खून के नमूनों की जांच की जा रही है। बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गोली किस हथियार से चली और किस परिस्थिति में चली।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह मामला आत्महत्या का है या फिर किसी साजिश के तहत हवलदार की हत्या की गई है। थाना परिसर में बाहरी व्यक्ति की एंट्री, ड्यूटी रोस्टर और सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
परिवार को दी गई सूचना, घर में पसरा मातम
घटना की जानकारी मिलते ही गया जिले में रहने वाले हवलदार के परिजनों को सूचित कर दिया गया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत पूर्णिया के लिए रवाना हो गए हैं। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल इस मामले ने न सिर्फ अमौर थाना, बल्कि पूरे जिले के पुलिसकर्मियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
कई सवाल अब भी अनुत्तरित
थाना परिसर के भीतर गोली चलना, वह भी एक हवलदार के साथ, कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्या हवलदार किसी मानसिक दबाव में थे?
क्या ड्यूटी या निजी जीवन से जुड़ा कोई विवाद इसकी वजह बना?
या फिर यह किसी गहरी साजिश का नतीजा है?
इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच के भरोसे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जब तक जांच पूरी नहीं होती, यह घटना एक रहस्य बनी रहेगी, जिसने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है।







