बिहार के वैशाली जिले में मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। हाजीपुर–बछबाड़ा रेलखंड पर दिग्गी के पास चलती मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में बंट गई। हालांकि समय रहते चालक की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते ट्रेन को बेपटरी होने से बचा लिया गया, जिससे जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ।

चलते-चलते टूटी मालगाड़ी की कपलिंग
घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। हाजीपुर–बछबाड़ा रेलखंड पर दिग्गी रेलवे ढाला संख्या 54 के पास मालगाड़ी अचानक दो टुकड़ों में बंट गई। इंजन के साथ आधे से अधिक डिब्बे कुछ दूरी तक आगे बढ़ गए, जबकि पीछे का हिस्सा ट्रैक पर ही रुक गया। इस असामान्य स्थिति से रेलखंड पर कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
गार्ड की सूचना, चालक ने तुरंत रोकी ट्रेन
मालगाड़ी में तैनात गार्ड ने तुरंत इस स्थिति की जानकारी चालक को दी। चालक ने बिना देर किए ट्रेन को रोक दिया और रेलवे कंट्रोल व अधिकारियों को इसकी सूचना दी। चालक की इसी सूझबूझ ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
रेलवे अधिकारी और टेक्निकल टीम मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही हाजीपुर स्टेशन अधीक्षक, रेलवे की तकनीकी टीम और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के प्रभारी साकेत कुमार मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर तकनीकी जांच शुरू की गई और समस्या को जल्द दूर करने के प्रयास किए गए।
20–25 मिनट में ठीक हुई तकनीकी खराबी
रेलवे की टेक्निकल टीम ने करीब 20 से 25 मिनट के भीतर दोनों हिस्सों की कपलिंग की मरम्मत कर ली। आवश्यक तकनीकी जांच के बाद कटे हुए डिब्बों को दोबारा जोड़ा गया और मालगाड़ी को सुरक्षित रूप से आगे के लिए रवाना कर दिया गया।
तकनीकी खराबी बनी वजह
आरपीएफ प्रभारी साकेत कुमार ने बताया कि मालगाड़ी के दो डिब्बों के बीच लगे पाइप में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे गैस लीक होने लगी और कपलिंग टूट गई। इसी कारण ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। उन्होंने कहा कि चालक की तत्परता के कारण कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
रेल यातायात पर नहीं पड़ा बड़ा असर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद कुछ देर के लिए रेलखंड पर सतर्कता बरती गई, लेकिन समय रहते समस्या सुलझा लेने से रेल परिचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
सतर्कता से टली अनहोनी
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता से बड़े हादसों को टाला जा सकता है। फिलहाल रेलवे विभाग तकनीकी कारणों की गहन जांच में जुटा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।







