नीट की छात्रा की निर्मम हत्या के खिलाफ बिहार में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुजफ्फरपुर में सनातन सेवक संस्थान के नेतृत्व में कई सामाजिक और वैचारिक संगठनों ने एकजुट होकर कैंडल मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने, पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने और गृह मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

कैंडल मार्च की शुरुआत शहर के अमर शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल से हुई, जो जिला समाहरणालय तक पहुंची। हाथों में मोमबत्तियां और बैनर लिए सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। “बेटी को इंसाफ दो”, “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह शांतिपूर्ण मार्च सरकार को जगाने की आखिरी कोशिश है।
सरकार को चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को जल्द और सख्त सजा नहीं दी गई, तो आंदोलन को चरणबद्ध रूप से पूरे बिहार में फैलाया जाएगा। उनका आरोप है कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कैंडल मार्च के जरिए सरकार को साफ संदेश दिया गया कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
श्रद्धांजलि और संकल्प
कैंडल मार्च अमर शहीद खुदीराम बोस स्मारक से आगे बढ़ते हुए भारत माता नमन स्थल पहुंचा। यहां मृतका की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन संकल्प दृढ़—न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कई प्रमुख चेहरे रहे शामिल
इस आयोजन में सनातन सेवक संस्थान के संरक्षक प्रभाकर कुमार और जिलाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार की अहम भूमिका रही। उनके साथ हिंदूवादी नेता वैभव मिश्रा, डॉ. गौरव वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मवीर शुक्ला और सावन पांडेय समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
बड़े आंदोलन का ऐलान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. गौरव वर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो अब आंदोलन और व्यापक होगा। उन्होंने बताया कि 3 फरवरी से जहानाबाद के पटियावा से पटना तक पैदल मार्च निकाला जाएगा, ताकि राजधानी तक जनता की आवाज सीधे पहुंचाई जा सके। उन्होंने दोहराया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना ही इस आंदोलन का एकमात्र उद्देश्य है।
जनता का साफ संदेश
मुजफ्फरपुर में निकला यह कैंडल मार्च सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ जनता का सवाल है। लोग पूछ रहे हैं कि बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक यह लड़ाई थमेगी नहीं।
निष्कर्ष
नीट छात्रा हत्याकांड ने समाज को गहरे झकझोर दिया है। मुजफ्फरपुर से उठी यह आवाज अब राज्यव्यापी आंदोलन का रूप लेती दिख रही है। जनता साफ कह रही है—न्याय में देरी अब बर्दाश्त नहीं, दोषियों को सजा देकर ही भरोसा बहाल हो सकता है।







