मुंगेर जिले के सफियासराय थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक रोहित कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या ने पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। मृतक का शव शनिवार दोपहर जगदम्बापुर स्थित सरसों के खेत में मिला। परिजनों ने बताया कि रोहित शुक्रवार रात भोज से लौटने के बाद अचानक लापता हो गया था।

घटना का विवरण
सिंघिया पंचायत के जगदम्बापुर निवासी माधो रजक के पुत्र रोहित कुमार का शव रविराय टोला फरदा बहियार में उदय राय के सरसों के खेत से बरामद हुआ। शुरुआती जांच के अनुसार युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। शव के पास मारपीट के स्पष्ट निशान और खून के धब्बे पाए गए। घटना की भयावहता और क्रूरता ने पूरे गांव को सकते में डाल दिया है।
पुलिस और एफएसएल जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही सफियासराय थाना की पुलिस और सशस्त्र बल मौके पर पहुंचे। इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य संकलन में जुटी। पुलिस ने मृतक के परिवार से पूछताछ शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।
भाई ने बताई आखिरी मुलाकात
मृतक के बड़े भाई विपिन कुमार ने बताया कि रोहित शुक्रवार देर रात गांव में भोज खाने गया था। वह रात करीब दस बजे घर लौटा, लेकिन घर में प्रवेश किए बिना कहीं चला गया। उसके बाद परिजनों ने रातभर उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। शनिवार सुबह उन्होंने लापता होने की सूचना पुलिस को दी, और दोपहर में उसके शव की बरामदगी की जानकारी मिली। विपिन ने बताया कि रोहित का किसी से कोई स्पष्ट विवाद नहीं था, जिससे परिवार को यह समझ नहीं आ रहा कि उसकी हत्या किसने और क्यों की।
हत्या की क्रूरता से जाहिर होती है साजिश
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस का अनुमान है कि रोहित की हत्या पास के मटर के खेत में की गई और फिर हत्यारों ने शव को लगभग सौ मीटर तक घसीटते हुए सरसों के खेत में फेंक दिया। खेत में घसीटने के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। मृतक के शरीर और चेहरे पर मारपीट के गहरे निशान, खून के धब्बे, बिखरी हुई चप्पल और खुली पैंट जैसी स्थिति से यह घटना अत्यंत क्रूर और सुनियोजित लगती है।
शैक्षिक पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष रोहित ने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। वह अपने परिवार में बड़े आशाओं और उम्मीदों के साथ था। उसकी हत्या ने न केवल परिवार को सदमा दिया है, बल्कि पूरे गांव में शोक और आक्रोश की लहर फैला दी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीपीओ अभिषेक कुमार आनंद भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू कर दी। पुलिस हर बिंदु पर छानबीन कर रही है, ताकि हत्या के कारणों का पता लगाया जा सके और आरोपी की पहचान कर गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के असली कारण की पुष्टि संभव होगी।
स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं इलाके में सुरक्षा की चिंता को बढ़ाती हैं और युवाओं के बीच असुरक्षा का माहौल बनाती हैं।
निष्कर्ष
रोहित कुमार की हत्या न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक चेतावनी है कि हिंसा और अपराध के मामलों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही हत्या के पीछे के सच और आरोपी की पहचान सार्वजनिक की जाएगी।







