पटना के मसौढ़ी अनुमंडल के भगवानगंज थाना क्षेत्र के दनारा गांव में शनिवार शाम एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। गांव के खलिहान में बने पुआल की झोपड़ी में अचानक आग लगने से दो मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे की वजह बिजली के शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है, जिसने खेलते हुए बच्चों के लिए मौत की राह खोल दी।

बताया जा रहा है कि गांव निवासी किसान विकास कुमार खेत में काम कर रहे थे, जबकि उनके तीन बच्चे खलिहान में खेल रहे थे। इसी दौरान झोपड़ी में लगे बिजली के तार में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग की लपटें तेजी से फैल गईं। इस दौरान तीन वर्षीय अंशु कुमार समय रहते झोपड़ी से बाहर निकल गया, लेकिन छह वर्षीय प्रियांशु कुमार और दो वर्षीय मानसी कुमारी झोपड़ी के अंदर ही फंस गए। आग की तेज लपटों और धुएं के बीच बच्चों को बचाना आसपास के ग्रामीणों के लिए भी असंभव साबित हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही भगवानगंज थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। ग्रामीणों ने आग बुझाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। झोपड़ी पूरी तरह जल चुकी थी और दोनों मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पटना के पीएमसीएच पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, लेकिन मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। थाना प्रभारी सुजीत कुमार ने कहा कि पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।
इस हादसे ने परिवार और गांव में कोहराम मचा दिया है। माता-पिता लगातार बिलख रहे हैं और गांव की महिलाएं व बुजुर्ग उनके दुख में सहभागी बने हुए हैं। एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की इस तरह मौत ने पूरे दनारा गांव को शोक में डुबो दिया।
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कुमार गरीब किसान हैं और इस हादसे ने उनके परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।
स्थानीय लोग यह भी बता रहे हैं कि ग्रामीण इलाकों में खलिहानों और झोपड़ियों में बिजली की लापरवाही अक्सर जानलेवा साबित हो जाती है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय और उचित निगरानी होती, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की खराब वायरिंग और सुरक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली विभाग और प्रशासन पर दबाव है कि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करें और इस तरह के हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
परिजनों ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रशासन इस हादसे की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे और परिवार को आर्थिक और मानसिक सहायता प्रदान की जाए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों की जिम्मेदारी तय करने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना ने गांववासियों के दिलों को झकझोर दिया है और चेतावनी भी दी है कि सुरक्षा और सावधानी के बिना छोटे हादसे भी जानलेवा बन सकते हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और जांच में पुलिस का सहयोग करें।







