वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र में जालसाजी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने सत्ताधारी जेडीयू के पूर्व जिला प्रवक्ता कुमारेश्वर सहाय को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने एक महिला को गलत जमीन बेचकर करीब 19 लाख 95 हजार रुपये की ठगी की। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने मुजफ्फरपुर जिले से दबोच लिया।

जानकारी के अनुसार, मामला सतपुरा गांव निवासी सीताराम पासवान की पत्नी मुन्नी देवी की शिकायत पर सामने आया। महिला ने बताया कि कुमारेश्वर सहाय ने उन्हें एक जमीन का बैनामा किया, लेकिन म्यूटेशन नहीं हो सका। जब महिला ने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो आरोपी ने दो चेक दिए—एक 13 लाख और दूसरा 10 लाख का—लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी ने रुपये लौटाने में आनाकानी करना शुरू कर दी।
भगवानपुर थाना में महिला की लिखित शिकायत के आधार पर कांड संख्या 304/25 दर्ज की गई थी। एफआईआर के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस को सूचना मिली कि कुमारेश्वर सहाय मुजफ्फरपुर जिले में छिपा हुआ है। इसके बाद थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सत्यार्थी और अपर थाना अध्यक्ष अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तिलक मैदान रोड से उसे गिरफ्तार किया।
सदर एसडीपीओ-02 गोपाल मंडल ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ हाजीपुर एसीजेएम-छह की अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी था। गिरफ्तारी के बाद कुमारेश्वर सहाय को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर भू-माफियाओं और कथित सफेदपोश नेताओं के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे जालसाजी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
पीड़ित महिला मुन्नी देवी ने कहा कि न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है और वह इस केस में पूरी तरह पुलिस और अदालत के साथ सहयोग करेंगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठाकर अपराध में लिप्त रहते हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और ऐसे मामलों पर निगरानी तेज कर दी है। कुमारेश्वर सहाय की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है, चाहे वह किसी राजनीतिक दल का नेता ही क्यों न हो।







