Shopping cart

Breaking News :
  • Home
  • बिहार
  • दरभंगा में हिरण और तेंदुए की खाल के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया
दरभंगा

दरभंगा में हिरण और तेंदुए की खाल के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया

January 18, 20260 Mins Read
14

बिहार के दरभंगा में वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़े वन्यजीव खाल तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और चार तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से दो हिरण और एक तेंदुए की खाल बरामद की गई। यह कार्रवाई वन प्रमंडल की केंद्रीय टीम की सूचना और निशानदेही पर की गई।

गिरफ्तार तस्करों की पहचान इस प्रकार हुई है:

मधुबनी जिले के लखनौर थाना क्षेत्र के रहिका निवासी अजय कुमार झा उर्फ बबलू, स्व. अरुण कुमार झा के पुत्र

झंझारपुर के दक्षिण बेहट गांव निवासी पंकज कुमार झा, स्व. राम नारायण झा के पुत्र

मुजफ्फरपुर जिले के राहुल नगर गांव निवासी धीरज कुमार, स्व. यदुनंदन प्रसाद के पुत्र

पूर्वी चंपारण जिले के फेनारा थाना क्षेत्र के कुम्हरार गांव निवासी चंदन कुमार सिंह, बृजेंद्र कुमार सिंह के पुत्र

वन प्रमंडल पदाधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से वन्यजीवों की खाल की तस्करी में संलिप्त था। केंद्रीय टीम ने कई दिनों तक इस नेटवर्क पर नजर रखी और पुख्ता सबूत मिलने के बाद स्थानीय वन विभाग के सहयोग से छापेमारी की। आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ जारी है। इसके साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें वन्यजीवों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो, तो तुरंत स्थानीय वन अधिकारी या पुलिस को सूचित करें। यह कार्रवाई वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि देश में वन्यजीव तस्करी एक गंभीर अपराध है, जो न सिर्फ प्रकृति के संतुलन को प्रभावित करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस तरह की कार्रवाइयों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और वन्यजीव संरक्षण में मदद मिलती है।

इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने अपने स्तर पर तस्करी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय और स्थानीय टीम दोनों लगातार इलाके में छानबीन कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे गिरोहों को समय रहते पकड़कर कानून के तहत कठोर दंड दिया जा सके।

Related Posts