पटना के बेलबागीचा-गांधी मैदान रोड स्थित डाकबंगला परिसर के पास शनिवार की शाम एक 15 वर्षीय छात्र रोहित कुमार उर्फ राजू की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। रोहित दसवीं कक्षा का छात्र था और इस बार मैट्रिक परीक्षा देने वाला था। घटना में आधा दर्जन से अधिक बदमाश शामिल थे, जिन्होंने मामूली विवाद को लेकर इस निर्दय हत्या को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार, रोहित अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर घर से बाजार जा रहा था। जैसे ही वे डाकबंगला परिसर से सटे इलाके में पहुंचे, लगभग छह से सात युवक उनकी बाइक के पास आए और उन्हें घेर लिया। डर के मारे रोहित के दोनों दोस्त मौके से भाग निकले। इस दौरान आरोपितों ने चाकू से रोहित के शरीर पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों की तात्कालिक मदद से रोहित को पास के एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया ताकि आरोपितों की पहचान की जा सके। हालांकि फिलहाल घटना के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों की मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला एक कोचिंग सेंटर में आयोजित वेल्फेयर पार्टी के दौरान हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है। बताया जाता है कि रोहित ने पार्टी में किसी अन्य छात्र पर अबीर-गुलाल डाल दिया था। आरोपितों ने इसे गंभीर रूप से लिया और शाम को बाजार जाते समय रोहित का पीछा कर उसकी हत्या कर दी।
थानाध्यक्ष विवेक भारती ने बताया कि रोहित को चाकू मारने से पहले दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह विवाद कैसे बढ़ा और आखिरकार इतनी हिंसक घटना का रूप ले लिया। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के परिजनों के बयान के बाद ही मामले की पूरी वजह सामने आएगी।
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की मानें तो रोहित पढ़ाई में तेज और होशियार छात्र था। वह अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तरह कोचिंग जाया करता था और परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें यह नहीं समझ में आ रहा कि कैसे एक मामूली विवाद ने इतनी गंभीर परिणति ले ली।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के कई संदिग्ध युवकों के घरों पर छापेमारी की। अभी तक आधा दर्जन युवकों की पहचान की जा चुकी है, लेकिन सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बेलबागीचा-गांधी मैदान रोड इलाके में पहले भी कुछ छोटे-मोटे झगड़े होते रहे हैं, लेकिन इस बार की घटना ने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर क्यों छोटे विवादों में इतनी हिंसा को जन्म मिलता है।
रोहित के परिवार में मातम पसरा हुआ है। उसके माता-पिता और भाई-बहन गहरे सदमे में हैं। परिजनों ने बताया कि रोहित पढ़ाई में बहुत मेधावी और होशियार था। वह इस बार मैट्रिक की परीक्षा देने वाला था और उसके उज्जवल भविष्य की राह में यह घटना अचानक बड़ी बाधा बन गई।
इस घटना ने न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार में लोगों को हैरानी में डाल दिया है। शिक्षा और युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर छोटे विवादों को नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन कभी-कभी वे हिंसक घटनाओं में बदल जाते हैं।
वहीं, पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। जांच के दौरान पुलिस आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा रही है ताकि ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना ने शिक्षा के माहौल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों ने कहा कि स्कूल और कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही, युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और क्रोध प्रबंधन की शिक्षा भी जरूरी है, ताकि मामूली विवाद हिंसक घटना में न बदलें।
पटना पुलिस की टीम लगातार इस मामले में जुटी हुई है। आरोपितों की गिरफ्तारी और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।







