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दरभंगा में बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी अधिवक्ता ब्रजकिशोर प्रसाद की जयंती मनाई गई।

January 14, 20261 Mins Read
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दरभंगा में बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी अधिवक्ता ब्रजकिशोर प्रसाद की जयंती मनाई गई।

दरभंगा :- वकालतखाना भवन दरभंगा में बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी अधिवक्ता ब्रजकिशोर प्रसाद की जयंती मनाई गई। जयंती समारोह की अध्यक्षता अधिवक्ता रमनजी चौधरी ने किया। बृज किशोर प्रसाद के तैलचित्र पर अधिवक्ताओं और न्याय अतिथियों ने पुष्प अर्पित किया। अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि ब्रजकिशोर बाबू की जीवनी और कृतियों को आत्मसात करने की आवश्यकता है। उनका कृत अनुकरणीय है। उनका जन्म 14 जनवरी 1877 में सिवान के श्रीनगर गांव में हुआ था। कहा जाता है कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा उर्दू में हुई। 13 वर्ष की आयु में वह हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 21 वर्ष की उम्र में एम ए और बी एल की परीक्षा उत्तीर्ण हुए। उसके बाद उन्होंने छपरा में वकालत शुरू किया। उनके नाम की चर्चा काफी होने लगी। इस बीच 1906 में दरभंगा जजशिप कार्य करना प्रारंभ किया। बिहार विभूति डॉक्टर सच्चिदानंद सिंहा की सलाह पर ब्रजकिशोर बाबू दरभंगा आकर वकालत शुरू किया। चंपारण सत्याग्रह में गांधीजी के अनन्य सहयोगी रहे। वे एक विधिवेत्ता, समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और एक परोपकारी व्यक्ति थे। वे 1910 में दरभंगा नगर परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए 1912 में पटना के बांकीपुर में कांग्रेस के 27वां राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य आयोजक रहे। इसी वर्ष बंगाल विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए। 1920 में वकालत छोड़ असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए। स्वतंत्रता आंदोलन में कुछ दिन बाँकीपुर जेल और हजारीबाग जेल में रहे। जहां कहा जाता है कि उन्हें जेल में भोजन में जहर मिलाकर दे दिया गया। जिससे उनका स्वास्थ्य गिड़ता गिरता चला गया। उनके एक पुत्री की शादी जयप्रकाश नारायण से हुई थी और दूसरी पुत्री की शादी डॉ राजेंद्र प्रसाद के पुत्र मृत्युंजय कुमार से हुई थी। 1934 में बिहार में भयानक भूकंप हुई थी। भूकंप पीड़ितों को उन्होंने काफी मदद की थी। चूंकि वे दरभंगा जजशिप के प्रारंभकाल से अधिवक्ता रहे और दरभंगा का नाम रोशन किया। इसीलिए 14 जनवरी को जिला बार एसोसिएशन भवन में उनकी जयंती मनाई गई। मौके पर अधिवक्ता कामेश्वर झा, श्याम कुमार झा, अमरनाथ चौधरी, शशि भूषण प्रसाद सिंह, अरुण कुमार झा, विपिन कुमार, विश्वजीत मिश्रा, कुलदीप दीवान, दीनबंधु झा आलोक कुमार, कमल नारायण पांडेय सुधीर कुमार प्रभाकर एवं न्याय अतिथि सत्येंद्र झा समेत दर्जनों लोगों ने ब्रजकिशोर बाबू के तैल चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया।

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