मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने पड़ोसी गांव के युवक पर वर्षों तक यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और लगातार पैसों की मांग करने का आरोप लगाया है। पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज न किए जाने से आहत होकर पीड़िता को आखिरकार मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
पीड़िता के अनुसार, वह बीते पांच वर्षों से आरोपी युवक के संपर्क में थी। युवक ने शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ नजदीकियां बढ़ाईं, लेकिन बाद में उसी भरोसे को हथियार बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। युवती का आरोप है कि आरोपी ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी और उसके परिजनों ने उसके परिवार से दो लाख रुपये की उगाही की थी और अब दोबारा उतनी ही राशि की मांग की जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर गांव स्तर पर पंचायती भी हुई थी, जिसमें दोनों की शादी कराने पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में आरोपी पक्ष ने इससे साफ इनकार कर दिया।
स्थिति तब और भयावह हो गई जब 14 दिसंबर की रात आरोपी अपने परिजनों के साथ पीड़िता के घर पहुंचा और जान से मारने की धमकी दी। युवती का कहना है कि उस दिन उसकी हत्या की कोशिश भी की गई, जिसके बाद से पूरा परिवार डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।
पीड़िता और उसके परिजनों ने बीते दस दिनों में कई बार मनियारी थाना और वरीय पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अंततः थक-हारकर पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के. झा ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है और पुलिस द्वारा अब तक कार्रवाई न किया जाना कानून और पीड़िता के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि आयोग को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। वहीं, पीड़िता ने एक बार फिर जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।







