दरभंगा जिला के पाॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने गुरुवार को चर्चित महिला थाना काण्ड संख्या- 182/25 में काराधीन कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दिया। प्राथमिकी में शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाई गई है। गत 17 जनवरी से अभियुक्त श्रवण न्यायिक हिरासत में मंडल कारा दरभंगा में कैद है। काराधीन श्रवण के द्वारा अधिकृत अधिवक्ता जावेद अहमद खान ने अपने बहस में प्राथमिकी में लगाये गये आरोप से इंकार किया और आर्थिक दोहन के उद्देश्य से मुकदमा दर्ज कराये जाने की बात कहा। अभियुक्त के वकिल श्री खान ने कहा कि प्राथमिकी में अंकित घटना तिथि के करीब डेढ वर्ष पश्चात प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी ने चर्चित मुकदमा के प्राथमिकी के नामजद अभियुक्त राम उदित दास उर्फ मौनी का सम्पर्क राज्यपाल, मुख्यमंत्री सांसद, विधायक से होने से संबंधित तस्वीरें अदालत में समर्पित किया। विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार ने कहा कि अबला लोग अपनी फरियाद को लेकर धर्म के प्रचारक के यहाँ जाते हैं और धर्म की ओट में पीड़िता के साथ जघन्य अपराध की गई है। जिसे देखते हुए काराधीन कथावाचक जमानत पाने के योग्य नहीं है। उभय पक्षों के बहस सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। सिविल कोर्ट प्रागंण में काराधीन कथावाचक की जमानत याचिका सूनवाई और आदेश की जानकारी लेने के लिए सैकड़ों लोग अदालत परिसर में देखे गए।अब जमानत की इच्छा रखने पर पटना उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल करना होगा।







