
दरभंगा।दो कदम तुम चलो,दो कदम हम चलें।दुरियां स्वतः समाप्त हो जायेगी।आप लोग दुर दराज से आये हैं। आपस में बिबाद सुलझाकर, अपना मामला समाप्त कराकर खुशी खुशी घर जायें।यहां से शांति का पैगाम लेकर घर जायें।लोक अदालत से निष्पादित मामलों में किसी की भी हार नही होती है।उक्त बातें शनिवार को न्यायालय प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष शिव गोपाल मिश्रा ने कही।उन्होंने बैंक के पदाधिकारियों को संवेदनशील होकर मामलों का निष्पादन करने की नसीहत दी।ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके।
डीएम सह प्राधिकार के उपाध्यक्ष कौशल कुमार ने कहा कि यह आपकी अपनी अदालत है।छोटे -छोटे विवादों को आपस में मिलकर स्वंय समाप्त करावें।लोक अदालत पक्षकारों के लिए वरदान है।वहीं क्षेत्र के लोगों के लिए ऋणमुक्ति का यह सुअवसर प्रदान करता है।इसके कई महत्त्वपूर्ण लाभ है।यहां लोगों के बहुमूल्य समय के साथ-साथ धन की बचत होती है।जिससे समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।वरीय पुलिस अधीक्षक सह प्राधिकार के सदस्य जगुनाथ रेड्डी जला रेडी ने कहा कि सामाजिक सौहार्द के लिए जरूरी है कि लोग आपस की कटूता को भुल जायें।इसके फायदे हीं फायदे हैं।समय धन,की बचत जब होगी ,तो विकास का रास्ता सुगम बन जायेगा।इसलिए आवश्यक है कि लोगों को इसका भरपुर लाभ उठाना चाहिए।अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक ने लोक अदालत को सफल बनाने की अपील किया। बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत का प्रत्यक्ष लाभ जिला के पक्षकारों को मिल रही है।जरूरत इस बात की है कि लोग इसे समझें और इसका लाभ उठावें।मौके पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रमोद कुमार पंकज,एडीजे रविशंकर कुमार ,स्थाई लोक अदालत के पीठासीन पदाधिकारी सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी, प्रोतिमा परिहार ,श्रीराम झा,नागेश प्रताप सिंह, रविशंकर कुमार, पीपी अमरेंद्र नारायण झा,शलभ शर्माआदि ने संबोधित किया।धन्यवाद ज्ञापन प्राधिकार के सचिव आरती कुमारी ने किया।

कूल 16 खंडपीठ।
अलग-अलग किस्म के मामलों का निष्पादन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों की अध्यक्षता में कूल 16 खंडपीठों का गठन किया गया।
निष्पादन।
लोक अदालत में कूल 2191 मामलों का निष्पादन किया गया।वहीं उत्पाद, क्लेम ,लेबर,वन अधिनियम, एमभी ऐक्ट समेत बिभिन्न बैंकों के बैंक ऋण,टेलीफोन, बिजली आदि से संबंधित मामलों में 6 करोड़ 79 लाख 98हजार 938रुपये का सेटलमेंट किया गया।







