किसान सभा ने विभिन्न मांगों को लेकर दिया धरना
अखिल भारतीय किसान सभा में राष्ट्रव्यापी आवाह्न और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किसानों के ज्वलंत सवालों व विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय महाधरना दिया गया। धरना के उपरांत विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौपा। धरना की अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार चौधरी ने की। जहां किसान नेताओं ने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद भी देश के अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। महँगी खाद, बीज एवं बाढ़-सुखाड़ के भयावह स्थिति के कारण खेती अलाभकारी होती जा रही है। दूसरी और केंद्र और राज्य सरकार के कृषि नीति एवं आर्थिक नीतियों के कारण किसान खेती छोड़ दूसरे काम को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुल मिलाकर कृषि संकट गहराती जा रही है जो देश के विकास के लिए अत्यंत ही खतरनाक है। वहीं मौके पर जिला सचिव अहमद अली तमन्ने ने कहा कि हम आज धरना के द्वारा सरकार से मांग करते हैं कि खाद के किल्लत एवं कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। निर्धारित दर पर किसानों को खाद बीज उपलब्ध कराया जाए। सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदारी सुनिश्चित की जाए। हनुमान नगर प्रखंड के अंतर्गत बाढ़ एवं बाढ़ के जल जमाव के कारण धान का फसल नही हो पाया प्रखंड क्षेत्र के सभी किसानों को फसल क्षति मुआवजा अभिलंब दिया जाए। गेहूं बुवाई के लिए हनुमान नगर प्रखंड सहित जिला के किसानों के बीच कृषि विभाग द्वारा प्रति बैग ₹1000 लेकर किसानों को दिया गया जो गेहूं का बीज किसानों का नहीं जन्मा आपूर्तिकर्ता पर सख्त कार्रवाई किया जाए तथा किसानों को फसल क्षति मुआवजा दिया जाए। सभी प्रकार का कृषि ऋण माफ किया जाए। फसल बीमा लागू किया जाए। मनरेगा का नाम बदलकर राम जी करने का निर्णय वापस लिया जाए। जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए एवं जिनका जमीन ले लिया गया है विभिन्न विकास कार्यों के लिए जैसे सड़क, एम्स वगैरा इत्यादि कार्य हेतु वैसे किसानों को वर्तमान बाजार मूल्य पर मुआवजा दिया जाए। सकरी हसनपुर रेल लाइन को पूर्व निर्मित रेल लाइन पर चालू किया जाए। जमीन के दाखिल खारिज में व्यापक धांधली पर रोक लगाई जाए और सुलभ तरीके से पुश्तैनी जमीन का दाखिल खारिज एवं बटवारा उत्तराधिकारी के बीच किया जाए। ब्रह्मपट्टी मलौल बेनीपुर के किसानों का बटाईदारी हक दिलाया जाए एवं अवैध केवाला रद्द किया जाए। पीएम किसान योजना का लाभ जिन किसानों को पुस्तैनी जमीन पर मुआवजा मिलता रहा है वैसे किसानों को किसान सम्मन निधि से वंचित करने की साजिश पर रोक लगाई जाए। 60 वर्ष से अधिक किसानों को कम से कम ₹10000 पेंशन दिया जाए। जंगली जानवरों (घोरपादा एवं बनैया सूअर) से फसल की सुरक्षा कराई जाए। धरना के उपरांत पोलो मैदान स्थित धरना स्थल से समाहरणालय होते हुए लहेरियासराय टावर तक प्रतिवाद मार्च भी निकाला गया। वही धरना को किसान नेता मोहम्मद कलाम, विश्वनाथ मिश्र, मणिकांत झा, सुधीर कुमार राय, जीवछ पंडित, रामचरित्र राम, शिव कुमार सिंह, हर्षवर्धन सिंह राठौड़, चंदेश्वर प्रसाद सिंह, सुकुमारी देवी आदि ने संबोधित किया।







