दरभंगासिविल कोर्ट के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने शनिवार को दूष्कर्म के मामले में संतोष सदाय उर्फ मठेरन सदाय को दस वर्षों की कठोर कारावास और.पचास हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाया है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि गत 30 जनवरी को दुष्कर्म के आरोप में दोषी ठहराया गया था। शनिवार को अभियोजन पक्ष और वचाव पक्ष की ओर से अदालत में वहस किया गया।अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1)में दोषी सदाय को दस वर्षों की सश्रम कारावास और.50 हजार रुपये रुपये अर्थदण्ड की सजा अदालत में एडीजे श्री पाण्डेय ने सुनाई है।वहीं अर्थदण्ड का भुगतान नहीं करने पर तीन वर्षों की कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा। अदालत ने सदर थानाकांड सं.294/24 के सत्रवाद सं.248/25 की सुनवाई पुरी कर सदर थानाक्षेत्र के भिन्डी मुसहरी गांव के सुन्दर सदाय के पुत्र संतोष सदाय उर्फ मठेरन सदाय को बीएन एस की धारा 64(i)(दूष्कर्म) की जूर्म में दोषी घोषित किया था ।वहीं दूष्कर्मी की सजा अवधि के निर्धारण के बिन्दु पर सुनवाई और निर्णय के लिए निर्धारित तिथि 7 फरवरी को सुनवाई पश्चात निर्णय सुनाई गई ।लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 30 जूलाई 24 को दिन के 2 बजे एक महिला अपने पति के कहने पर ईंट भठ्ठे पर मालिक से मजदूरी का रुपया लाने जा रही थी।रास्ते में भिन्डी इस्लामपुर के निकट अभियुक्त ने पीछे से पकड़कर रेलवे लाईन के नीचे झारी में ले जाकर जबरन दूष्कर्म किया तथा जान से मारने की धमकी दिया।अनुसंधान पश्चात पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।बिचारण के दौरान अभियोजन पक्ष से कूल 6 गवाहों की गवाही कराई गई।दूष्कर्मी 31 जूलाई 24 से हीं जेल में बंद है।अपर लोक अभियोजक ललन कुमार ने मुस्तैदी से अभियोजन का पक्ष रखा।







